कोंडागांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 27 फरवरी से दो दिवसीय धरने पर बैठीं। उन्होंने जिला मुख्यालय में नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री और प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ता संघ कोंडागांव की जिलाध्यक्ष पुष्पा राय के नेतृत्व में हुआ, जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से वे कम मानदेय, अतिरिक्त कार्यभार और अस्थायी दर्जे के साथ काम कर रही हैं, जबकि उनकी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं। कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों में मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि, शासकीय कर्मचारी का दर्जा, सेवानिवृत्ति पर पेंशन/ग्रेच्युटी की व्यवस्था, अतिरिक्त कार्यों के लिए अलग से पारिश्रमिक और समय पर मानदेय भुगतान शामिल हैं। धरने में शामिल कार्यकर्ताओं ने बताया कि पोषण ट्रैकिंग, सर्वे, टीकाकरण सहयोग, मतदाता जागरूकता और जनगणना जैसे कई अतिरिक्त कार्य भी उनसे लिए जाते हैं। उनका कहना है कि महंगाई के इस दौर में वर्तमान मानदेय से परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो यह आंदोलन अनिश्चितकाल के लिए चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन के कारण जिले के कई आंगनबाड़ी केंद्रों का कामकाज प्रभावित रहा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषण से लड़ने की पहली कड़ी हैं। ऐसे में जमीनी स्तर पर काम करने वाली इन कार्यकर्ताओं को सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।


