डीग में आदि बद्री धाम की 5वीं परिक्रमा यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा मान मंदिर और पद्मश्री रमेश बाबा के सानिध्य में आयोजित की जा रही है। यात्रा आदि बद्री से नील घाटी, गदर वास, रुंध, हयातपुर होते हुए जटेरी पहुंची। यह परिक्रमा उन दिव्य पर्वतों की रक्षा के लिए हुए आंदोलन की स्मृति में आयोजित की जाती है, जिन्हें खनन माफिया द्वारा डाइनामाइट से उड़ाया जा रहा था। ब्रज के संत पद्मश्री रमेश बाबा ने इन पर्वतों को बचाने का बीड़ा उठाया था। इस आंदोलन के दौरान मान मंदिर और आदि बद्री धाम के संयुक्त तत्वावधान में लंबा संघर्ष चला। वर्ष 2022 में इन पर्वतों को आरक्षित वन घोषित किया गया। इस आंदोलन में संत विजय बाबा ने आत्मदाह कर अपनी आहुति दी थी। उन्हीं की स्मृति और पर्वतों के महात्म्य को ध्यान में रखते हुए तब से यह परिक्रमा आयोजित की जा रही है। इस अवसर पर मान मंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह और महंत शिवराम दास जी ने राज्य के गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम से मुलाकात की। उन्होंने मंत्री से आदि बद्री पर्वत की परिक्रमा मार्ग का निर्माण कराने की अपेक्षा की, ताकि ब्रजवासियों को परिक्रमा करने में कोई कष्ट न हो। ब्रज की गोपियों ने नाचते-गाते हुए धूमधाम से परिक्रमा में भाग लिया। यह यात्रा शनिवार जटेरी से चलकर डावक पहुंचेगी।


