डीग में राजस्थान सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत पंच गौरव सिलिकोसिस शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर शुक्रवार को जिला अस्पताल डीग में संपन्न हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य मूर्तिकारी (स्टोन कार्विंग) से जुड़े श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना था। इस विशेष शिविर का लक्ष्य ODOP स्टोन कार्विंग कार्य में लगे श्रमिकों को सिलिकोसिस जैसी गंभीर व्यावसायिक बीमारी से बचाना था। इसमें समय पर जांच, स्वास्थ्य सुधार और कार्यस्थल पर सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया। शिविर में कुल आठ मूर्तिकारों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन डीग, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र डीग और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग डीग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। शिविर के दौरान मूर्तिकारों की सिलिकोसिस जांच की गई और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं।
जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. जितेंद्र सिंह फौजदार ने मौजूद श्रमिकों को सिलिकोसिस रोग के कारण, लक्षण और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पत्थर तराशने के दौरान निकलने वाली धूल से बचाव के लिए सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। शिविर में मूर्तिकारों को टूल-सुरक्षा किट भी वितरित की गई। इस किट में छैनी, हथौड़ा, लेदर के जूते, सुरक्षा चश्मा और मूर्ति काटने के ब्लेड जैसे आवश्यक उपकरण शामिल थे। इस पहल से न केवल श्रमिकों की कार्य-सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि स्थानीय स्टोन कार्विंग उत्पादों की गुणवत्ता और संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह कार्यक्रम ODOP योजना के तहत स्थानीय कारीगरों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और आजीविका को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।


