आपातकाल के 50 वर्ष पर युवाओं ने रखे विचार:बूंदी कॉलेज में विकसित भारत युवा संसद का आयोजन

बूंदी के राजकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को विकसित भारत युवा संसद-2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के कुलगुरु प्रो. निमित चौधरी मुख्य अतिथि रहे। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. अनीता यादव ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में राज्य संपर्क अधिकारी (एनएसएस) डॉ. नरेंद्र गुप्ता, भाजपा जिला महामंत्री संजय लाठी और जिला समन्वयक (एनएसएस) डॉ. आशुतोष बिरला विशिष्ट अतिथि के रूप में मंचासीन रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। स्वागत उद्बोधन डॉ. आशुतोष बिरला ने दिया। मुख्य अतिथि प्रो. निमित चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि संवाद विकास का मूल आधार है और संसद इसका सर्वोत्तम मंच है। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए युवाओं को प्रश्न पूछने की भारत की जीवंत परंपरा को सशक्त बनाए रखने का दायित्व याद दिलाया। डॉ. नरेंद्र गुप्ता ने युवाओं से लोकतंत्र को सर्वोपरि मानते हुए अपने उत्तरदायित्वों को समझने का आह्वान किया। संजय लाठी ने युवा संसद को विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में एक सशक्त पहल बताया।
प्रिंसिपल डॉ. अनीता यादव ने कहा कि आपातकाल ने भारतीय लोकतंत्र की आत्मा को झकझोरा था, लेकिन इसके बाद लोकतंत्र और अधिक परिपक्व व मजबूत होकर उभरा। उन्होंने जागरूक नागरिकता, संविधान की सर्वोच्चता और सत्ता में जवाबदेही को इसके प्रमुख सबक बताया। उद्घाटन सत्र के बाद “आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” विषय पर युवा संसद का तकनीकी सत्र आयोजित हुआ। इस सत्र में कुल 27 प्रतिभागियों ने जोश और तार्किकता के साथ अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने लोकतांत्रिक परंपराओं, संविधान की सर्वोच्चता, असहमति की महत्ता, जागरूक नागरिक की भूमिका, मीडिया व न्यायपालिका की निष्पक्षता, जयप्रकाश नारायण की संपूर्ण क्रांति और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रभावी वक्तव्य दिए। ये रहे विजेता
प्रतियोगिता में देवांश देराश्री, माधवी वर्मा, सिद्धि नामा, दीपेंद्र हाडा एवं गार्गी भारद्वाज क्रमशः प्रथम से पंचम स्थान पर चयनित हुए। चयनित प्रतिभागी 6 मार्च 2026 को राजस्थान विधानसभा में आयोजित द्वितीय चरण में भाग लेंगे। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। निर्णायक मंडल में डॉ. गीताराम शर्मा, डॉ. डीपी त्रिपाठी, योगेश कुमार शर्मा, डॉ. चंपा अग्रवाल एवं डॉ. सर्वेश तिवारी रहे। इस अवसर पर जय कुमार जैन, चतुर्भुज महावर, ओमप्रकाश गोस्वामी सहित वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रो. पी सी उपाध्याय, राहुल सक्सेना सहित सभी संकाय सदस्य शामिल रहे। संचालन हेमलता टांक, श्रीमती जूही प्रधान एवं डॉ. वंदना शर्मा ने किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

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