सपोटरा विधायक के भाई पर हत्या, अवैध खनन के आरोप:पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, एसीबी से जांच कराने की मांग

करौली में पूर्व मंत्री रमेश मीणा ने सपोटरा विधायक हंसराज मीणा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने विधायक के भाई पर हत्या में शामिल होने, अवैध खनन और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मीणा ने करौली सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि सपोटरा विधायक हंसराज मीणा के कार्यकाल में क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अराजकता का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय सत्ता का दुरुपयोग किया जा रहा है, जिससे गंभीर आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। पूर्व मंत्री ने 10 जनवरी 2026 को हुई हरिराम नामक व्यक्ति की संदिग्ध मौत का मामला उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हरिराम को मारकर पेड़ से लटकाया गया था। मृतक ने मरने से पहले एक लिखित रिपोर्ट में जान से मारने की धमकी देने वालों में विधायक के भाई शिवराज मीणा का नाम बताया था। इसके बावजूद सपोटरा थाने में दर्ज एफआईआर पर राजनीतिक दबाव के चलते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मीणा ने ग्राम सैमरदा में 13 करोड़ रुपए की माइनिंग लीज को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह लीज विधायक के परिजनों से जुड़ी एक फर्म के नाम पर ली गई है, जिसकी वित्तीय क्षमता संदिग्ध है। पूर्व मंत्री ने इस मामले की उच्च स्तरीय समिति और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराने की मांग की। पवांरपुरा–हाड़ौती क्षेत्र में जब्त की गई लगभग 9,870 टन अवैध बजरी की नीलामी के बाद भी स्टॉक नहीं उठाया गया है। मीणा ने आरोप लगाया कि इसकी आड़ में चंबल नदी से अवैध खनन जारी है, जिसमें खनन विभाग और पुलिस की मिलीभगत से नियमों का उल्लंघन हो रहा है। इसके अतिरिक्त पंचायत समिति सपोटरा में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्य वित्त आयोग की राशि का नगर पालिका क्षेत्र में नियम विरुद्ध उपयोग किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। रमेश मीणा के अनुसार करीब 74 लाख रुपए की राशि का दुरुपयोग हुआ है और कुछ कार्य पहले से पूरे होने के बावजूद बाद में स्वीकृतियां जारी कर सरकारी धन का गबन किया गया। यह भी आरोप लगाया गया कि विकास अधिकारी की नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी की गई और नरेगा कार्यों में कमीशनखोरी चल रही है। विधायक कोष से ऐसे कार्य स्वीकृत किए गए, जो नियमों में अनुमत नहीं हैं, जबकि कई कार्य मौके पर अस्तित्व में ही नहीं हैं। रमेश मीणा ने कहा कि क्षेत्र में डूंगरी बांध परियोजना और करौली–धौलपुर टाइगर रिजर्व को लेकर जनता परेशान है, लेकिन स्थानीय विधायक ने इन मुद्दों को विधानसभा में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।

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