पंचायतीराज चुनाव में महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ थे पुरुष:पूर्व सीएम वसुंधरा बोलीं: लोग कहते थे घूंघटे में महिला क्या करेगी, पांच साल बाद वही पुरुष चाय बना रहे थे

कॉन्फिडरेशन ऑफ विमेन इंटरप्रेन्योर्स ऑफ इंडिया (COWE) के राजस्थान चैप्टर की ओर से दो दिवसीय ‘विमेंस इंटरनेशनल समिट ऑन एंटरप्रेन्योरशिप (वाईज) 2026’ की शुरुआत शुक्रवार को हुई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने हिस्सा लिया। उन्होंने कहा है कि मुझे यह सुनना कभी भी अच्छा नहीं लगा कि हमारा समाज पुरुष प्रधान समाज है। जबकि पुरुष को जन्म देने वाली तो नारी ही है। उन्होंने कहा कि मेरे मन में सदा एक ही सवाल तेरता है कि पुरुष प्रधान समाज ही क्यों ? महिला प्रधान समाज क्यों नही ? इसीलिए मैंने 2008 में भामाशाह नारी सशक्तिकरण योजना शुरू कर महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाया, ताकि हमारा समाज पुरुष प्रधान नहीं महिला प्रधान बन सके।
यह समिट राजस्थान के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित की जा रही है। इस वर्ष समिट की थीम है ‘रूट्स टू विंग्स: स्पॉटलाइटिंग विमेंस एंटरप्रेन्योर्स फ्रॉम ग्रासरूट्स इनोवेशन दू ग्लोबल लीडरशिप’ है।
इस दौरान राजे ने कहा कि महिलाओं को पुरुषों के बराबर खड़ा करने के लिए ही उन्होंने पंचायत राज संस्थाओं में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। उस समय लोग इसके खिलाफ थे, अलग नजर से देखते थे। बोलते थे कि यह कैसे करेंगी, ये तो घूंघट में है, नाम भी साइन नहीं कर सकती। आप उसके पांच साल बाद का नजारा देखिए, वे महिलाएं अच्छे से हस्ताक्षर कर रही थी और वे पुरुष चाय बना रहे थे।
उन्होंने कहा कि जो भी महिलाएं आज बेहतर मुकाम तक पहुंची है, वे जानती है कि उस मंजिल को पाने के लिए उन्हें कितना परिश्रम करना पड़ा। कितना धैर्य रखना पड़ा। राजे ने कहा कि महिलाओं को उन्नति की ऊंचाइयां पाने के लिए 3 गुना समय देना पड़ता है। पुरुषों के मुकाबले 3 गुना मेहनत करनी पड़ती है। तब जाकर महिलाओं को सफलता मिलती है।
पूर्व सीएम ने कहा कि लखपति दीदी सिर्फ योजनाओं की ही सहभागी नहीं हैं, वे देश के लिए परिवर्तनकारी भी हैं। लखपति दीदी ने यह कर दिखाया है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिवर्तन की नींव बन सकते हैं। महिलाएं ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही हैं। महिलाएं डिजिटल और AI के क्षेत्र में भी भविष्य की अर्थव्यवस्था गढ़ रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लखपति दीदी, दीनदयाल अंत्योदय, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, स्टैंड अप इंडिया और प्रधानमंत्री मुद्रा जैसी योजनाएं महिलाओं को उद्यमिता और वित्तीय स्वतंत्रता की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं। कार्यक्रम में कोवे की राष्ट्रीय अध्यक्ष निधि तोषनीवाल, कमला पोद्दार, ईएचसीसी हॉस्पिटल की मंजू शर्मा, रुचि धूत, शैलजा रेड्डी, सोउधामिनी भी मौजूद थी।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ‘COWE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ समारोह में महिला उद्यमियों को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया। COWE राजस्थान की फाउंडर प्रेसिडेंट निधि तोशनीवाल ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य एंटरप्रेन्योरशिप के माध्यम से महिला उद्यमियों को सशक्त बनाना, प्रेरित करना और उनके उद्यमिता सफर में सार्थक नेटवर्किंग के अवसर प्रदान करना है। इन दो दिनों के दौरान उद्यमियों, स्टार्ट-अप ईकोसिस्टम पार्टनर्स और उभरती महिला उद्यमियों को पैनल स्पीकर्स और इंडस्ट्री के लीडर्स से सीधा संवाद करने और नेटवर्क स्थापित करने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में पूरे भारत से महिला एंटरप्रेन्योर, COWE नेशनल कमिटी और चैप्टर कमिटी के सदस्य शामिल हुई। पहले दिन उद्घाटन सत्र आयोजित हुआ, जिसके बाद सेशंस की शुरुआत हुई। पहले दिन के सेशंस ‘अनलॉकिंग कैपिटल-फाइनेंसिंग स्कैलेबल एंड इम्पैक्ट-ड्रिवन एंटरप्राइजेज’; ‘एआई और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन- क्राफ्टिंग फ्यूचर -रेडी बिजनेस’; और ‘लीडिंग विद इम्पैक्ट- बिल्डिंग रेजिलिएंट ऑर्गेनाइजेशन’ विषय पर आयोजित हुए। दूसरे दिन 28 फरवरी, शनिवार को सुबह 10.30 बजे सेशंस शुरू होंगे। इस दिन के दौरान ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी और क्लाइमेट एक्शन – विमेन लेड इनोवेशन्स’; ‘हेरिटेज, हैंडीक्राफ्ट्स एंड टूरिज्म – लोकल रूट्स, ग्लोबल इम्पैक्ट’ और ‘स्टार्ट अप पिचिंग’ सेशन आयोजित होंगे। ‘स्टार्ट अप पिचिंग’ सेशन का आयोजन समिट के अंतर्गत COWE राजस्थान द्वारा एसीआईसी वीजीयू के सहयोग से किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन समारोह दोपहर 3.30 बजे से आयोजित होगा। उल्लेखनीय है कि COWE इंडिया एक गैर-लाभकारी संगठन है, जिसकी स्थापना वर्ष 2004 में हैदराबाद में की गई थी। यह एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम (ईडीपी), टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, एडवोकेसी, मेंटरिंग और इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना जैसी पहलों के माध्यम से उद्यमशील वातावरण को प्रोत्साहित करता है। इसके अतिरिक्त, यह संगठन पिछले दो दशकों से बैंकों और एंजेल निवेशकों के साथ वित्तीय संपर्क स्थापित कराने में सहायता करने और विभिन्न सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में उत्प्रेरक की भूमिका निभाता आ रहा है।

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