पशु चिकित्सा विभाग में एक करोड़ का गबन,दर्ज हुई FIR:क्लर्क ने बैंक खाते में जमा नहीं की राशि, जांच रिपोर्ट के बाद सस्पेंड किए गए

उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग सरगुजा में शासकीय राशि के गबन के मामले में कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है। क्लर्क पर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के गबन का आरोप है। उक्त राशि शासकीय खाते में जमा नहीं कराई गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद क्लर्क को सस्पेंड कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग अंबिकापुर में पदस्थ क्लर्क प्रदीप कुमार अम्बष्ट के खिलाफ एक करोड़ 7 लाख रुपये से अधिक के गबन का आरोप है। क्लर्क ने हितग्राहियों के अंशदान की राशि 44 लाख 54 हजार 700 रुपये उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं के खाते में जमा नहीं कराई। वहीं एक अन्य मद अंतर्गत पशु रोगी कल्याण समिति, सरगुजा के खाते में 63 लाख 29 हजार 640 रुपये जमा नहीं कराए गए। जांच में गबन की पुष्टि होने पर कार्रवाई
वित्तीय अनियमितता की आशंका पर पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं जिला पशु रोगी कल्याण समिति की राशि बैंक खातों में जमा न किए जाने की पुष्टि की गई। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि क्लर्क द्वारा स्वयं द्वारा बनाए गए पदमुद्रा का उपयोग करते हुए सी.जी.टी.सी./एम.पी.टी.सी. रसीदें जारी की गईं। इसकी राशि शासकीय खातों में जमा नहीं की गई। बैंक स्टेटमेंट के अवलोकन में उक्त राशि का कोई लेखा-जोखा दर्ज नहीं पाया गया। उप संचालक डॉ.आर.पी. शुक्ला ने कोतवाली थाने में आवेदन एवं जांच समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। मामले में क्लर्क एवं प्रभारी एकाउंटेंट प्रदीप कुमार अम्बष्ट के विरुद्ध आईपीसी की धारा 409 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। कलेक्टर ने किया निलंबित
जिला प्रशासन द्वारा वित्तीय अनियमितता के मामले में कार्रवाई करते हुए क्लर्क प्रदीप कुमार अंबष्ट को सस्पेंड कर दिया गया है। वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने पर उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, जिसका क्लर्क ने जवाब नहीं दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पशु चिकित्सालय मैनपाट नियत किया गया है।

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