जयपुर के आईआईएस (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) में डीआरडीओ द्वारा प्रायोजित एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला संस्थान के रिसर्च, इनोवेशन और ट्रेनिंग सेंटर तथा नैनो-साइंस और नैनोटेक्नोलॉजी केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। शुक्रवार को कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में एनआईटी हमीरपुर के प्रोफेसर रवि कुमार मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने नैनोटेक्नोलॉजी के मूल सिद्धांतों पर व्याख्यान दिया। साथ ही उन्नत सामग्री विज्ञान के शोध और तकनीकी अनुप्रयोगों की जानकारी दी। इस एक सप्ताह की कार्यशाला में विज्ञान संकाय के पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों और शोधार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में नैनो सामग्री के संश्लेषण और उनके गुणों का अध्ययन शामिल है। प्रतिभागियों को सैद्धांतिक चर्चाओं के साथ लाइव डेमोंस्ट्रेशन और प्रैक्टिकल सेशन के जरिए नैनो टेक्नोलॉजी के नए उपकरणों की जानकारी दी जाएगी। कार्यशाला में देश के कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक अपना ज्ञान साझा करेंगे। इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. पी.डी. सहारे, राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रो. दीपक भटनागर, सामग्री अनुसंधान केंद्र की प्रमुख डॉ. निशा वर्मा और एम.एन.आई.टी. की डॉ. मीना नेमीवाल शामिल हैं। ये विशेषज्ञ नैनोटेक्नोलॉजी के सिद्धांतों और इसके औद्योगिक अनुप्रयोगों पर विस्तृत जानकारी देंगे। यह कार्यशाला युवा शोधकर्ताओं को नैनोटेक्नोलॉजी की आधुनिक तकनीकों को समझने और इसके व्यावहारिक उपयोग सीखने का अवसर प्रदान कर रही है।


