नागौर जिले के अलाय को नवगठित श्रीबालाजी-अलाय पंचायत समिति का मुख्यालय बनाने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन पिछले 72 दिनों से लगातार जारी है। इस विरोध प्रदर्शन में क्षेत्र की 22 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण शामिल हैं, जो अपनी मांग मनवाने के लिए पिछले साल 17 दिसंबर से प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलनकारियों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। मामले में चार ग्राम पंचायतों ने जिला कलेक्टर को लिखित में चुनाव बहिष्कार की सूचना दे दी है। जबकि शेष 18 ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि भी जल्द ही सामूहिक रूप से लिखित सूचना सौंपने की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी रणनीति अब अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे पर केंद्रित है। इसके लिए ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजकर प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनके प्रतिनिधिमंडल को मिलने की अनुमति मिलती है, तो वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात केंद्र सरकार के समक्ष रखेंगे। हालांकि, ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री से मिलने का मौका नहीं दिया गया, तो वे अपने-अपने स्तर पर अजमेर पहुंचेंगे और विरोध जताने का प्रयास करेंगे। आंदोलनकारियों ने पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के दौरे के समय भी उन्होंने संवाद की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर उनकी आवाज दबा दी थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार वे पिछली गलतियों से सीख लेकर नई रणनीति पर काम कर रहे हैं और किसी भी कीमत पर अपनी मांग को ऊपर तक पहुंचाकर रहेंगे।


