एजुकेशन रिपोर्टर|रांची डीएसपीएमयू में कर्मचारियों के एमएसीपी देने पर लगी रोक को लेकर विवि प्रशासन और स्टाफ के बीच गतिरोध बढ़ता ही जा रहा है। हड़ताल 10वें दिन भी जारी रहा। प्रशासनिक कार्य पूर्ण रूप से ठप है। महासचिव रोहित सिंह ने कहा कि यह कोई नई मांग नहीं है, बल्कि पूर्व से मिल रहे एमएसपी की बहाली का सवाल है। 10 दिन बाद भी वीसी प्रो. डीके सिंह वार्ता के लिए कैंपस में नहीं आए। 26 जनवरी के बाद से उन्हें कैंपस में नहीं देखा गया है। सीनेटर संतोष कुमार, शैलेंद्र कुमार, उदय प्रसाद ने दावा किया कि एमएसीपी देने का प्रस्ताव सीनेट से पास है। इसके बाद भी पिछले साल मार्च से बिना कोई नोटिफिकेशन के रोक दिया गया। यह न केवल पीड़ादायक है, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी सवाल खड़ा करता है। विवि अधिकारियों की पहल पर हड़ताली कर्मचारी शाम 5 बजे जेयूटी कैंपस में वीसी से वार्ता के लिए पहुंचे। हालांकि बातचीत बेनतीजा रही। इससे पहले डीएसपीएमयू के रजिस्ट्रार डॉ धनंजय द्विवेदी और फाइनेंस अफसर आरयू के फाइनेंस एडवाइजर अजय कुमार से भी मिले और वहां कर्मचारियों को मिल रहे एमएसीपी की जानकारी ली। इधर हड़ताली कर्मियों ने आंदोलन तेज करने की धमकी दी है।


