वार्ड 9 के प्रत्याशी को मिले सिर्फ तीन वोट

गुमला| वार्ड 9 से चुनावी मैदान में आठ प्रत्याशी खड़े थे। इसमें इस वार्ड से खड़े दो प्रत्याशियों को मिले मत चौकाने वाले है। प्रत्याशी सददाम हुसैन को मात्र तीन, तो कैसर अंसारी को महज 7 वोट मिलें। जबकि इस वार्ड में कुल 1399 मत पड़े। जिसमें 1265 वैध और 134 अवैध घोषित किए गए। ऐसे में इन दोनों प्रत्याशियों को प्राप्त मत लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। गुमला| वार्ड 21 से शैल मिश्रा लगातार तीसरी बार चुनाव जीती। जीत की घोषणा के साथ ही उनकी आंखें छलक गई। सबसे पहले वे अपने पति द्वारिका मिश्रा से लिपट गई। फिर पैर छुकर उनका आर्शिवाद लिया। मिश्रा ने आश्वस्त किया कि जनता से जिस विश्वास के साथ उन्हें चुना है। उस भरोसे पर खरा उतरूंगी। गुमला|नगर निकाय चुनाव में एक बार फिर से जीत का स्वाद चखने उतरे पांच पूर्व पार्षदों को जनता ने नकार दिया और दूसरे प्रत्याशी पर भरोसा जताया। वार्ड पांच से मुमताज गुडडू, छह से सुषमा कुजूर, सात से प्रबला तिग्गा, 9 से आरिफ आलम, 11 से तरनिका कच्छप, 20 से ललीता गुप्ता चुनाव हार गई। जबकि पूर्व पार्षद कृष्णा राम की बेटी श्वेता कुमारी अपने बड़े पिता लखन राम से दस वोटों के अंतर से चुनाव हारी। गुमला| शहरी क्षेत्र के वार्ड आठ का सीट अब एक ही परिवार का पारंपरिक सीट बनता जा रहा है। यहां 2008 से मां-बेटे कुर्सी पर काबिज हो रहे है। पहले व दूसरे चुनाव में यहां से जसवंत कौर जीती। उसके बाद 2018 में सीट पुरुष होने पर जसवंत के बेटे हरजीत सिंह ने कमान संभाली और पार्षद बनें। इस बार पुन: सीट महिला होने पर जसवंत ने दावेदारी की और 321 वोटों के अंतराल से निकटम प्रतिद्वंदी सोनी कुमारी को पराजित किया। वहीं जीत के बाद जसवंत अपने परिवार के साथ जश्न मनाने में मशगुल रही और इस जीत को वार्ड की जनता को समर्पित किया। लोहरदगा|ध्यानाकर्षण सप्ताह कार्यक्रम के तहत झारखंड नवनिर्माण दल एवं ननबैंकिंग कंपनी पीड़ित मंच, लोहरदगा के तत्वावधान में सेन्हा प्रखंड विकास पदाधिकारी के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री को तीन सूत्रीय मांग-पत्र प्रेषित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने चालू बजट सत्र के दौरान मांगों पर ठोस निर्णय लेने का आग्रह किया है। मांग-पत्र में सहारा इंडिया समेत विभिन्न ननबैंकिंग कंपनियों में आम लोगों की जमा पूंजी का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। साथ ही महिला सुरक्षा, रोजगार सृजन तथा महिला मंडलों को दिए गए ऋण माफ करने की मांग शामिल है। व्यवसाय के लिए इच्छुक महिलाओं को कम से कम 10 लाख रुपये तक ब्याज रहित ऋण उपलब्ध कराने और पांच वर्ष की आसान समय-सीमा में भुगतान की व्यवस्था करने की बात कही गई है। इसके अतिरिक्त माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के नाम पर चल रही सूदखोरी पर रोक लगाने और दोषी कंपनियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई। मांग-पत्र पुष्पा उरांव के नेतृत्व में प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा गया। इस दौरान मनोज कुमार उरांव, जाबिर अंसारी, ईश्वर उरांव व विकास उरांव सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।

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