बताया जा रहा है कि पंजाब कौर पढ़ी-लिखी नहीं थीं। इसी का फायदा उठाते हुए ट्रस्ट में कार्यरत आरोपी कृष्ण सिंह ने उनसे खाली कागजों पर अंगूठे लगवा लिए। इसके बाद वर्ष 1980 में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्लॉट किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। करीब 45 वर्ष बाद जब ट्रस्ट का पत्र घर पहुंचा तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। भाई हरनेक सिंह ने इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच करवाई और पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। जांच अधिकारी एएसआई सुखदीप सिंह ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि दीपक अस्पताल के नजदीक स्थित प्लॉट नंबर-1 आरोपी द्वारा अवैध तरीके से बेचा गया था। आरोपी कृष्ण सिंह की उम्र करीब 85 वर्ष बताई जा रही है। फिलहाल स्पष्ट नहीं है कि वह जीवित है या नहीं। आरोपी को इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से पेंशन भी मिल रही थी, जिसकी जांच अभी जारी है। ट्रस्ट के पत्र से खुला राज: भाई की शिकायत पर पर्चा लुधियाना| शहर के पॉश इलाके सराभा नगर में स्थित करीब 1200 गज के करोड़ों रुपए कीमत वाले प्लॉट से जुड़ा बड़ा धोखाधड़ी मामला सामने आया है। मामला 45 साल पुराना है जबकि इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट में काम कर चुके एक पूर्व कर्मचारी कृष्ण सिंह के खिलाफ अब जाकर थाना डिवीजन नंबर-5 की पुलिस ने केस दर्ज किया है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से स्वर्गीय पंजाब कौर के नाम जारी पत्र उनके घर पहुंचा। उनके भाई हरनेक सिंह ने मामले की जांच शुरू की। तो सामने आया कि वर्ष 1972 में पंजाब कौर को सराभा नगर क्षेत्र में प्लॉट अलॉट किया गया था।


