भास्कर न्यूज | बारियातू प्रखंड क्षेत्र सहित अन्य स्थानों में 2 मार्च की रात होलिका दहन व 4 मार्च को होली मनाई जाएगी। पंडित जनार्दन पांडेय ने बताया कि फाल्गुन पूर्णिमा दो दिन रहने के कारण इस बार होलिका दहन के एक दिन बाद रंगों का त्योहार होली मनाई जाएगी। फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम से शुरू होकर 3 मार्च की दोपहर 4.33 बजे तक रहेगी। पूर्णिमा पर इस बार भद्रा और चंद्रग्रहण का संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में होलिका दहन के लिए तीन नियम मान्य बताई गई है। होलिका दहन के लिए रात का समय एवं पूर्णिमा तिथि व भद्रा मुक्त काल होना चाहिए। व्रत की पूर्णिमा सोमवार की शाम पूर्णिमा के साथ भद्रा भी शुरू हो रहा है। जो मंगलवार तक रहेगा। ऐसे में भद्रा के पुच्छ काल में सोमवार की मध्य रात को होलिका दहन किया जाएगा। यह भी बताया की पूर्णिमा की रात्रि होलिका दहन और अगले दिन होली मनाई जाती है लेकिन इस बार पंचांग गणना और शास्त्रीय निर्णय के आधार पर तिथियों में आंशिक परिवर्तन है। फाल्गुन पूर्णिमा आरंभ 2 मार्च की सायंकाल शुरू होकर 3 मार्च की सायंकाल तक रहेगा। पूर्णिमा लगते ही भद्रा का प्रवेश हो रहा है। जो की भद्रा के मुख काल में शुभ कार्य वर्जित है ऐसे में भद्रा के पुच्छ काल में होलिका दहन होगी। इसी आधार पर 2 मार्च को मध्य रात्रि के बाद होलिका दहन होगी। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण का संयोग है। जो शाम 6 बजे से प्रारंभ होकर 6:48 तक रहेगा। ग्रहण के 9 घंटे पहले सुतक काल प्रारंभ हो जाता है। इस अवधि में भी शुभ एवं मांगलिक कार्य नहीं होती है। इसलिए इस बार होली 4 मार्च को मनाई जाएगी।


