भास्कर न्यूज| राजनांदगांव/घुमका राजपूत क्षत्रिय महासभा का स्थापना दिवस गुरुवार को उपसमिति राजनांदगांव के महाराणा प्रताप मंगल भवन दीन दयाल उपाध्याय नगर चिखली में मनाया गया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप की पूजा अर्चना बाद महासभा की स्थापना में भूमिका अदा करने वाले मनमोहन सिंह रहटादह धमधा, झुमुक सिंह शिवार बेरला, रनमत सिंह भरनी धमधा, जवाहर सिंह बनाफर, भीखम सिंह नवागांव बेरला, नत्थू सिंह डंगनिया धमधा, घनश्याम सिंह चौहान रायपुर, शंकर सिंह नंदन वान रायपुर, रणदमन सिंह कोटगांव रायपुर के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर पूजा अर्चना की गई। समाज के इन हस्तियों को याद किया गया। इस अवसर पर उपसमिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि इन महान हस्तियों ने समाज को नई दिशा देने व समाज को संगठित और विस्तारित करने में अहम भूमिका निभाई है। जिसके चलते राजपूत समाज पूरे छत्तीसगढ़ में संगठित होकर काम कर रही है। उनकी बनाई योजना के अनुसार समाज को नई दिशा मिली है। राजपूत समाज को पंजीयन 1282 के नाम से जाना जाता है जो राजपूत समाज की पहचान बन गई है। 26 फरवरी 1969 को पंजीकृत हुई महासभा उप समिति के कोषाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बैंस ने कहा कि राजपूत क्षत्रिय महासभा की स्थापना के लिए 5 मार्च 1965 को कोटगांव वाले रणदमन सिंह की अध्यक्षता में रणनीति तैयार की जो 26 फरवरी 1969 को पंजीकृत हुआ। इस तिथि को स्थापना दिवस मनाने का निर्णय महा सभा के अध्यक्ष बजरंग सिंह बैंस की अध्यक्षता में ली गई है। इन महान हस्तियों को समाज हमेशा याद रखेगी। कार्यक्रम में उपसमिति के उपाध्यक्ष संतोष चंदेल, लालेंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, इंद्रपाल सिंह, बजरंग सिंह, महिला मंडल अध्यक्ष शशि चौहान, माधुरी ठाकुर, कीर्ति विनोद सिंह, रीमा ठाकुर, माया ठाकुर मौजूद रहे।


