महासमुंद| ग्राम खरोरा स्थित राम मंदिर में महिलाओं ने भक्ति-भाव के साथ आमलकी एकादशी (आंवला एकादशी) का व्रत रखा और विशेष पूजा-अर्चना की। बताया गया कि फाल्गुन शुक्ल पक्ष की इस तिथि को रंग भरी एकादशी भी कहा जाता है। आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा, दान और सेवन का विशेष फल मिलता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु के साथ आंवले की विधि-विधान से पूजा करने से पापों का क्षय होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस धार्मिक अनुष्ठान में फुलेश्वरी, विमला, लक्ष्मी, लीना, उमा, राधिका, शौला और सरोज सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु महिलाएं उपस्थित थी।


