भास्कर न्यूज़ | लुधियाना आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक दबाव तेजी से बढ़ रहा है। पढ़ाई, करियर, परिवार और सोशल मीडिया की अपेक्षाओं के बीच हर उम्र का व्यक्ति किसी न किसी तनाव से गुजर रहा है। ऐसे माहौल में लोग अब मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने के बजाय उसे प्राथमिकता देने लगे हैं। इसी सोच के साथ माइंडफुल लिविंग और मेडिटेशन ग्रुप का चलन शहरों में तेजी से बढ़ रहा है। लोग सुबह या शाम कुछ समय निकालकर समूह में ध्यान, श्वास अभ्यास और शांत बैठने की प्रक्रिया अपना रहे हैं, जिससे मन को स्थिरता मिल सके। माइंडफुल लिविंग का अर्थ है वर्तमान क्षण को पूरी जागरूकता के साथ जीना। जब व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को समझते हुए बिना घबराहट के स्वीकार करता है, तो तनाव कम होने लगता है। मेडिटेशन ग्रुप में शामिल लोग गाइडेड ध्यान, गहरी सांसों के अभ्यास और रिलैक्सेशन तकनीक सीखते हैं। इससे एकाग्रता बढ़ती है, नींद बेहतर होती है और भावनात्मक संतुलन मजबूत होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना दस से पंद्रह मिनट का अभ्यास भी सकारात्मक बदलाव ला सकता है। डिजिटल डिटॉक्स, नियमित दिनचर्या और आत्मचिंतन को अपनाकर मानसिक स्वास्थ्य को लंबे समय तक बेहतर रखा जा सकता है। यह ट्रेंड केवल एक फैशन नहीं, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवन की दिशा में बढ़ता जागरूक कदम बनता जा रहा है।


