भास्कर न्यूज | अलवर अजमेर में प्रधानमंत्री की रैली में लाभार्थियों को ले जाने वाली बसों में खेड़ली बीसीएमओ ने एएनएम के बजाय नर्सिंग अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी। कठूमर विधानसभा की तीनों बसों में लगाई गई ड्यूटी को लेकर जब नर्सिंग कर्मियों ने मोर्चा खोला, तो आधी रात को आदेश बदलने पड़े। दरअसल प्रधानमंत्री की रैली के लिए हर विधानसभा से 3-3 बसें लगाई गई थीं। चिकित्सा विभाग की गाइडलाइन थी कि हर बस में इमरजेंसी किट के साथ एक-एक एएनएम की ड्यूटी अनिवार्य है। अलवर के सभी ब्लॉकों में इसी का पालन हुआ, लेकिन खेड़ली बीसीएमओ डॉ. अमरदीप ने एएनएम की जगह नर्सिंग ऑफिसरों की ड्यूटी लगा दी। नर्सिंग कर्मियों के विरोध के बाद जब बीसीएमओ से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि बसों की रवानगी रात को होनी थी। सुरक्षा की दृष्टि से पुरुष कर्मियों (नर्सिंग अफसरों) को लगाया गया था। उधर, राजस्थान राज्य नर्सेज एसेसिएशन के जिलाध्यक्ष पुष्पराज शर्मा ने इसे कलेक्टर के निर्देशों की सीधी अवहेलना बताया। बसों के निकलने का समय रात 10 बजे था। उससे करीब आधे घंटे पहले बीसीएमओ ने अपने पुराने आदेश को प्रत्याहरित किया। और नया आदेश जारी कर तीनों नर्सिंग ऑफिसर्स के नाम हटाकर वापस 3 एएनएम की ड्यूटी लगाई गई। लेकिन अचानक एनएनएम की ड्यूटी लगाने से उन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ी। जबकि यह काम नियमानुसार होता तो ये समस्या नहीं झेलनी पड़ती। इस पूरे घटनाक्रम ने ब्लॉक चिकित्सा प्रशासन की कार्यप्रणाली और आदेशों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


