लुधियाना| पंजाब सरकार द्वारा जिला तरनतारन के गांव शेरों स्थित शुगर मिल की जमीन को पुड्डा को ट्रांसफर किए जाने के विरोध में शांतिपूर्ण धरना दे रहे किसान नेताओं और बिजली कर्मचारी नेता गुरप्रीत सिंह गंडीविंड की गिरफ्तारी के बाद पूरे पंजाब में बिजली कर्मचारियों में रोष है। इस कार्रवाई की निंदा करते हुए आज पंजाब भर में ज्वाइंट फोरम के कन्वीनर रतन सिंह मझारी के निर्देश पर विभिन्न डिवीजनों और सब-डिवीजनों में गेट रैलियां आयोजित की गईं। लुधियाना के सुंदर नगर डिवीजन में आयोजित गेट रैली की अगुवाई एसोसिएशन ऑफ जूनियर इंजीनियर्स के राज्य उपप्रधान इंजीनियर जगतार सिंह, पावरकॉम एवं ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन के राज्य उपप्रधान केवल सिंह बनवैत, पीएसईबी इंप्लाइज फेडरेशन के सर्कल प्रधान गुरप्रीत सिंह महिदूदां तथा एमएसयू के डिवीजन नेता रामदास ने की। रैली में उपस्थित कर्मचारियों ने एक स्वर में गुरप्रीत सिंह गंडीविंड सहित गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए उन्हें बिना शर्त रिहा करने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सभी गिरफ्तार नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो बिजली कर्मचारी किसान संगठनों के साथ मिलकर राज्य सरकार के खिलाफ तीखा संघर्ष शुरू करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक संकट से जूझ रही पंजाब सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को बेचने की कोशिश कर रही है, जिसका बिजली कर्मचारी और किसान संगठन लगातार विरोध कर रहे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शेरों गांव में शांतिपूर्ण धरना चल रहा था, जहां से पुलिस ने गुरप्रीत सिंह गंडीविंड सहित 16 किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार नेताओं को फिलहाल गोइंदवाल जेल में रखा गया है और उन्हें 3 मार्च को एसडीएम तरनतारन की अदालत में पेश किया जाएगा। बिजली कर्मचारी नेताओं ने कहा कि इस कार्रवाई से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है और जरूरत पड़ने पर राज्यव्यापी आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं यूनियन प्रतिनिधि मौजूद रहे। बिजली कर्मचारी -किसान संगठनों धरना देते हुए।


