सागर में 30 हजार रुपए नहीं लौटाने पर युवक की हत्या कर दी गई। आरोपियों ने वारदात से पहले युवक को शराब पिलाई, ध्यान भटकाने के लिए पुष्पा-2 मूवी दिखाई। इसी दौरान पीछे से गले में रस्सी का फंदा लगाकर मार डाला। फिर शव को झाड़ियों के बीच ले जाकर खंती में पत्थरों की मदद से दफना दिया। शव से दुर्गंध न आए और जल्द गल जाए इसलिए नमक भी डाला। लाश को ठिकाने लगाने का यह तरीका मुख्य आरोपी ने यूट्यूब से सीखा था। वारदात में एक नाबालिग भी शामिल है। हत्या के बाद तीन दिन तक आरोपी आराम से अपने घर में रह रहे थे। अब दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कॉल डिटेल के आधार पर मिला इनपुट
सागर में काकागंज निवासी ऋषि पिता महादेव अहिरवार (21) ऑटो रिक्शा चलाता था। वह 7 दिसंबर को घर से ऑटो रिक्शा लेकर निकला। करीब दो घंटे बाद नहीं लौटा तो परिवार वालों ने फोन लगाया लेकिन बात नहीं हो पाई। शाम को दोबारा कॉल किया तो फोन बंद आ रहा था। रात तक ऋषि घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों ने तलाश शुरू की। 8 दिसंबर को मोतीनगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने ऋषि के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल निकलवाई। इसके आधार पर 10 दिसंबर की रात रेलवे स्टेशन के पास एक संदिग्ध को पकड़ा। थाने लाकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने ऋषि की हत्या किए जाने की बात कबूल ली। पुलिस रात में ही वारदात स्थल पर पहुंची और छानबीन की। यहां शव होने की पुष्टि हुई। 11 दिसंबर को पुलिस ने शव बरामद कर लिया। 30 हजार रुपए लौटाने से कर दिया था इनकार
ऋषि अहिरवार और आरोपी गोलू उर्फ बलराम पिता दिनेश पटेल निवासी पंतनगर अच्छे दोस्त थे। दोनों ऑटो चलाकर परिवार पाल रहे थे। करीब 5 महीने पहले ऋषि ने गोलू से 30 हजार रुपए उधार लिए थे। गोलू ने अपनी पिकअप बेचकर ऋषि को रुपए दिए थे। गोलू अपने पैसे वापस मांग रहा था लेकिन ऋषि लगातार टाल रहा था। वारदात से करीब एक सप्ताह पहले गोलू ने एक बार फिर रुपए लौटाने की बात कही तो ऋषि ने देने से मना कर दिया। गालीगलौज भी की। उसने कहा, ‘पैसे नहीं दूंगा। जो करना है, कर लेना।’ बात गोलू को लग गई। उसने ऋषि को सबक सिखाने की प्लानिंग की। इसमें 13 वर्षीय नाबालिग को भी शामिल कर लिया। रस्सी फंसाकर गिराया, फिर पत्थर पटक दिया
गोलू ने पुलिस को बताया, ‘7 दिसंबर को ऋषि को शराब पार्टी करने के बहाने मंगलगिरी इलाके में पहाड़ी पर बुलाया। दोपहर करीब 12 बजे मैं और नाबालिग दोस्त पहाड़ी पर पहुंचे। कुछ देर में ऋषि भी आ गया। तीनों ने बैठकर शराब पी। जिसके बाद ऋषि का ध्यान भटकाने के लिए मोबाइल पर पुष्पा-2 मूवी लगाई। मोबाइल उसे थमाकर मैं उसके पीछे बैठ गया। मैं कपड़ों में छिपाकर रस्सी साथ ले गया। उसे उठाकर ऋषि के गले में फंसाया और जोरदार झटका मारा। इस झटके से हम दोनों जमीन पर गिर गए। ऋषि के उठ पाने से पहले ही पत्थर पटककर उसकी हत्या कर दी।’ यू-ट्यूब पर शव गलाने का तरीका देखा
हत्या करने के बाद गोलू ने नाबालिग साथी के साथ मिलकर शव उठाया और करीब 100 मीटर दूर झाड़ियों में खंतीनुमा जगह पर रख दिया। शव के ऊपर 30 से अधिक पत्थर रखकर दफना दिया। गोलू को डर था कि शव की दुर्गंध आने पर मामला सामने आ सकता है। उसने यूट्यूब पर वीडियो देखकर शव की दुर्गंध रोकने और इसे जल्द गलाने का तरीका देखा। इसके बाद वह बाजार गया और नमक के पैकेट लाया। इसे शव के ऊपर डाल दिया। हत्या के बाद आराम से घर में सो गए आरोपी
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद गोलू ऑटो लेकर घर आ गया। नाबालिग अपचारी भी अपने घर चला गया। दोनों आराम से घर में रह रहे थे। इसी बीच पता चला कि ऋषि के परिवार वाले थाने पहुंच गए हैं। पुलिस उसे तलाश रही है। इसके बाद गोलू पुलिस और ऋषि के परिवार वालों के मूवमेंट पर नजर रखने लगा। 10 दिसंबर को लगा कि पुलिस उस तक पहुंच जाएगी। इस डर से गोलू घर से निकला और रेलवे स्टेशन पहुंच गया। वह ट्रेन में बैठकर गुजरात भागने की तैयारी कर रहा था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। गोलू को गुरू मानता है नाबालिग
वारदात में शामिल 13 वर्षीय नाबालिग गोलू का शागिर्द है। गोलू ने ही उसे ऑटो रिक्शा चलाना सिखाया था। वह खर्च के लिए समय-समय पर पैसा भी देता था। इसी के चलते वह ऋषि की हत्या में साथ देने को तैयार हो गया? पुलिस ने उसे बाल सुधार गृह भेज दिया है। हत्या के दूसरे दिन मिला ऑटो, जीपीएस टूटा था
हत्या करने के बाद गोलू और नाबालिग ऋषि का ऑटो भी साथ ले गए थे। ऋषि के गायब होने के बाद परिवार वाले तलाश कर रहे थे। उसका ऑटो रिक्शा भी ढूंढ रहे थे। ऑटो करीब चार माह पहले खरीदा गया था। कंपनी से डिटेल मांगी तो पता लगा कि ऑटो में जीपीएस लगा है। जीपीएस ट्रेस कराया तो ऑटो की लोकेशन संजय ड्राइव क्षेत्र में मिली। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। यहां मालूम हुआ कि ऑटो कुछ देर पहले तेज रफ्तार में धर्माश्री की ओर गया है। धर्माश्री में तलाश किया तो ऑटो मिल गया। उसका जीपीएस टूटा था। नंबर प्लेट नहीं थी। ऑटो में कोई नहीं मिला। ये खबर भी पढ़ें… 17 साल की पोती ने की दादा की हत्या मऊगंज में नाबालिग पोती ने अपने ही 79 साल के दादा की हत्या की थी। इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ। चचेरी बहन ने लड़की के प्रेम-प्रसंग की शिकायत की तो वह लड़ने लगी। दादा बीच-बचाव करने आए तो पोती ने पत्थर उठाकर उनके सीने पर मार दिया। शरीर से खून नहीं निकला था इसलिए पुलिस ने मामले को संदिग्ध बताया था। पढे़ं पूरी खबर…


