जालंधर/करपूरथला | सुल्तानपुर लोधी के गांव गिल्लां में सुबह 10:30 बजे आवारा कुत्तों के झुंड ने 8 साल के बच्चे को बुरी तरह नोंच दिया। कैमरे में रिकॉर्ड जख्मों की गिनती 56 थी। सबसे गहरे जख्म सिर-बाजू पर थे। सूरज का इलाज किया जा रहा था कि सांसें उखड़ गईं। वह खेत में काम कर रहे पिता मुनेजर पासवान और मां पूनम के साथ खाना खाने के लिए ट्यूबवेल से पानी भर रहा था। रिश्ते में मामा संजय और रिश्तेदार दिलीप ने जालंधर में बताया कि आधार कार्ड न बना होने के कारण सूरज को स्कूल में दाखिल नहीं करवाया गया था। वह रोजाना घर से माता-पिता के साथ खेत में खाना खाता था। वह रोजाना की तरह पहले खेत में आया। फिर यहां से 100 मीटर की दूरी पर ट्यूबवेल में पीने का पानी भरने चला गया। आवारा कुत्ते किसी चीज को फाड़ रहे हैैं, सभी ने दूर से देखा, लेकिन अंदाजा न था कि वह सूरज के ऊपर हमला कर चुके हैं। सभी लोग उसकी तरफ भागे, कुत्तों को भगाया। वह चंद पलों में ही उसके सिर का मांस उधेड़ चुके थे। उधर, पहले उसे सुल्तानपुर लोधी सिविल हॉस्पिटल लेकर गए। वहां से जालंधर रेफर किया गया। जालंधर सिविल हॉस्पिटल की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने इलाज तुरंत शुरू कर दिया था, लेकिन बच्चे के पूरे शरीर पर गहरे घाव थे। वह उस समय होश में था, लेकिन घबराया था। परिवार ने उसकी वीडियो बनाई, जिसमें वह सबकी तरफ देख रहा था। बच्चे के पिता मुनेजर पासवान बताते हैं कि यह उनका इकलौता बेटा है। वह मूलरूप से बहराइच के रहने वाले हैं। वह मजदूरी करके परिवार चला रहे हैं। बेटा उनका सहारा था। पलक झमकते ही दिल का टुकड़ा छिन गया। मानसा के गांव सरदूलगढ़ में शुक्रवार सुबह दिनदहाड़े अज्ञात हमलावरों ने 2 व्यक्तियों की गोलियां मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। मृतकों की पहचान जसवीर कुमार उर्फ काका (48) पुत्र भगवान दास निवासी वार्ड नंबर-1 और माली बलदेव सिंह (43) पुत्र तेजा सिंह निवासी गांव मीरपुर के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। आरोपियों को पकड़ने के लिए पूरे जिले में नाकेबंदी करवाई गई, लेकिन रात तक किसी का सुराग नहीं लगा। हत्या क्यों की गई, किसने की और किसने करवाई, के बारे में कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिल पाई। हालांकि पुलिस प्रशासन ने मानसा और बठिंडा पुलिस की टीमें गठित कर छापेमारी शुरू की है। सरदूलगढ़ में 2 दिन में यह तीसरी हत्या है। जानकारी के अनुसार, किसान जसवीर कुमार रोज की तरह शुक्रवार सुबह 6:30 बजे अपने शैलर रोड स्थित फार्म हाउस पर पौधों की देखभाल के लिए गए थे। साथ में माली बलदेव सिंह भी मौजूद था। इसी दौरान हमलावर आए और दोनों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। चूंकि फार्म हाउस शहर से बाहर है। इसलिए किसी को हत्याकांड का पता नहीं लगा और न ही आरोपी वहां किसी सीसीटीवी में आए। न किसी ने हमलावरों को देखा, न कारणों का पता… बिना रंजिश हमले ने पुलिस को उलझाया, कॉल डिटेल से हो सकता है खुलासा मृतक जसवीर इधर… आवारा कुत्तों ने 8 साल के बच्चे को 56 जगह से नोंचा, मौत मृतक बलदेव अशोक कुमार ने बताया कि भाई और माली अमूमन सुबह फार्म हाउस में पौधों की देखरेख के बाद घर लौट आते हैं। शुक्रवार सुबह वे घर नहीं आए तो भाभी नीलम ने फोन किया, पर उनका रिप्लाई नहीं आया। भाभी ने यह जानकारी दी तो वह अपने बेटे को साथ लेकर फार्म हाउस गया। वहां दोनों की खून से सनी लाशें पड़ी थीं। उन्होंने तुरंत पुलिस को बताया। वहीं, मृतक के चाचा सतपाल ने बताया कि भतीजे जसवीर की किसी से कोई रंजिश नहीं थी और न ही उसे किसी प्रकार की कोई धमकी मिली थी। सूचना मिलने पर एसएसपी भागीरथ मीणा, डीएसपी, एसएचओ, एफएसएल समेत पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी रखवाया है। पुलिस अधिकारियों ने आशंका जताई कि प्रारंभिक दृष्टि में यह हत्या पुरानी रंजिश को लेकर सुपारी देकर करवाई गई प्रतीत हो रही है। पुलिस मृतक की पारिवारिक हिस्ट्री निकालने के साथ उनकी मोबाइल कॉल डिटेल्स और शहर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए मानसा और बठिंडा पुलिस की टीमें लगाई गई हैं, जो कई पहलू से छानबीन कर रही हैं। जसवीर के घर में उनकी प|ी और 18 वर्षीय बेटा है। वह वर्तमान में चंडीगढ़ में पढ़ाई कर रहा है।


