वित्तीय स्वीकृतियों पर सदन गरमाया:भूपेश ने कहा – विपक्षी विधायकों के काम अटकाए जा रहे

विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन प्रश्नकाल के दौरान बजट में शामिल कार्यों को वित्तीय स्वीकृति देने का मुद्दा गरमाया। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि कई विभागों के प्रस्ताव वित्त विभाग में लंबित हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जानबूझकर विपक्षी विधायकों के काम अटकाए जा रहे हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने अंततः वॉकआउट कर दिया। आरोप और सरकार के जवाब…
संगीता सिंह: बजट में शामिल किन-किन कार्यों को अब तक वित्तीय स्वीकृति नहीं मिली है? कौन-सी फाइलें वित्त विभाग में लंबित हैं?
वित्त मंत्री चौधरी: वित्त विभाग में कोई भी कार्य लंबित नहीं है। सभी प्रस्ताव नियमानुसार प्रक्रिया में निपटाए जा रहे हैं।
विपक्षी सदस्य: सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के कई काम स्वीकृति की प्रतीक्षा में हैं।
वित्त मंत्री : सरकार की मंशा किसी भी कार्य को लंबित रखने की नहीं है। प्रक्रियाएं तेज की गई हैं। मशीन एवं उपकरण मद की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए की गई है। प्रशासकीय स्वीकृति की सीमा 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दी गई है।
भूपेश बघेल: बालोद जिले के कार्यों की स्थिति स्पष्ट कीजिए। क्या वहां की फाइलें भी लंबित नहीं हैं? राज्य सरकार विपक्ष के विधायकों के काम स्वीकृत नहीं करना चाहती।
वित्त मंत्री: बालोद से संबंधित भी कोई फाइल लंबित नहीं है। हर कार्य की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, उसी के तहत निर्णय लिए जाते हैं।
भूपेश: आप सब कह रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। विपक्ष के कामों को जानबूझकर अटकाया जा रहा है इसके बाद उन्होंने वॉकआउट कर दिया। रायगढ़ में 49 अवैध फ्लाईऐश पर कार्रवाई: विपक्ष बोला- भ्रमित कर रही सरकार पर्यावरण एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि रायगढ़ जिले में फ्लाईऐश और कोल डस्ट की अवैध डंपिंग को लेकर सरकार ने सख्ती दिखाई है। 4 फरवरी 2026 तक अवैध/बिना अनुमति डंपिंग के 49 मामलों में कार्रवाई की गई है। वहीं पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मंत्री पर आरोप लगाया कि वे सदन को गुमराह कर रहे हैं और इसके बाद सदन से वाकआउट कर दिया। दरअसल प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक उमेश पटेल ने पूछा कि रायगढ़ जिले के उद्योगों में कितने-कितने उद्योगों में फ्लाई ऐश डंप किया जाता है। घुमंतू पशुओं के संरक्षण पर तीखी बहस, ‘गौमाता’ टिप्पणी से गूंजा सदन बजट सत्र के पांचवें दिन प्रश्नकाल के दौरान घुमंतू और आवारा पशुओं के संरक्षण का मुद्दा सदन में जोरदार ढंग से उठा। विधायक कुंवर सिंह निषाद ने राज्य में संचालित योजनाओं की प्रगति और प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि ‘गौमाता’ को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने पर भी स्पष्ट रुख रखना चाहिए। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि पशुधन विकास विभाग के तहत आदर्श गोधाम, गोकुल धाम और गौ अभ्यारण जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। गोधाम योजना के अंतर्गत 620 पशुओं के संरक्षण और देखभाल की व्यवस्था की गई है, जबकि अन्य स्थानों पर व्यवस्थाएं प्रक्रियाधीन हैं। विधायक ने 620 पशुओं के चारा-पानी और प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर स्पष्टता मांगी। मंत्री ने कहा कि 36 गोठानों में गौधाम के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है और पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से राशि का उपयोग किया जा रहा है। परीक्षा केंद्र नहीं बनने पर हंगामा, मंत्री बोले-अगले साल बनेगा केंद्र विधानसभा में शुक्रवार को पीएमश्री आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय रामचंद्रपुर को बोर्ड परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक प्रबोध मिंज, अजय चंद्राकर और रिकेश सेन ने ध्यानाकर्षण सूचना के जरिए माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। विधायकों ने कहा कि आदिवासी बहुल बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर ब्लॉक स्थित पीएमश्री आत्मानंद उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को इस वर्ष परीक्षा केंद्र से वंचित कर दिया गया। इसकी जगह चार कमरों से संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गांजर को केंद्र बनाया गया है। परिवहन सुविधा के अभाव, नदी-नालों और जंगली जानवरों के खतरे के बीच छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि अगले शैक्षणिक वर्ष से रामचंद्रपुर स्थित पीएमश्री आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा।

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