ड्रग्स क्वीन नव्या मलिक एक बार फिर सुर्खियों में हैं, क्योंकि विधानसभा में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सवाल उठाया था। इसके बाद भास्कर ने पूरी केस की पड़ताल की। दरअसल, नाव्या और विधि अग्रवाल को हाई प्रोफाइल ड्रग्स तस्करी के मामले में कोर्ट से जमानत मिल गई है। दोनों के अलावा अन्य आरोपी भी जेल से बाहर हैं। इस मामले में पुलिस चार्जशीट भी पेश कर चुकी है। इसमें टेक्नो पार्टी, विदेशी कनेक्शन और 320 नामों की सूची तैयार की गई है। पूछताछ और तकनीकी जांच में बड़े कारोबारी-नेताओं के साथ विदेश दौरे का भी जिक्र है। नाव्या अभी जमानत पर जेल से बाहर है। पुलिस का आरोप है कि नव्या और विधि दिल्ली-हरियाणा से ड्रग्स मंगाकर रायपुर में टेक्नो पार्टी का आयोजन करती थीं। लोगों से ऑर्डर लेकर उनके बताए ठिकानों पर सप्लाई करती थीं। यह मामला अचानक फिर सुर्खियों में है। विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसे लेकर सवाल उठाया था। उन्हें लिखित जवाब दिया गया, लेकिन उसमें कहीं भी नव्या के नाम का जिक्र नहीं था। नव्या के विदेश दौरों को लेकर भी जानकारी मांगी गई थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि नव्या उर्फ नविया ने तुर्की, दुबई समेत कई देशों की यात्रा की है। विदेश मंत्रालय से इसकी जानकारी जुटाई गई है। फार्महाउस पार्टी से गिरफ्तारी तक… नव्या मलिक-विधि केस की पूरी कहानी 23 अगस्त को हरियाणा निवासी मोनू विश्नोई ड्रग्स लेकर ट्रेन से रायपुर पहुंचा। ट्रेन से उतरने के बाद उसने नव्या मलिक को फोन किया। वह एक्सप्रेस-वे के पास इंतजार कर रहा था। तभी हर्ष आहूजा और दीप धनोरिया वहां पहुंचे। पुलिस ने पहले से ट्रैप लगाया था और तीनों को पकड़ लिया। मामला खुलने के बाद नव्या मुंबई भाग गई। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए उसके मंगेतर अयान परवेज की मदद ली। उससे नव्या को फोन कराया गया और फिर छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया गया। नव्या के बाद पुलिस ने 4 सितंबर को विधि अग्रवाल को पकड़ा। इसके बाद 43 लोगों को गिरफ्तार किया गया। तस्करों से एक करोड़ रुपए से ज्यादा का ड्रग्स जब्त किया गया है। फार्म हाउस में टेक्नो पार्टी का आयोजन, तुर्की-दुबई तक की यात्रा
पुलिस की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि फार्म हाउस, रिसॉर्ट और क्लबों में टेक्नो पार्टी आयोजित की जाती थी। विधि अग्रवाल इवेंट ऑर्गेनाइजर थी। वह नव्या के साथ मिलकर पार्टियों का आयोजन करती थी। नव्या इंटीरियर डिजाइनर थी और कई प्रभावशाली लोगों से उसकी पहचान थी। उन्हीं के माध्यम से पार्टियां आयोजित की जाती थीं। ज्यादातर नशे की पार्टियां फार्म हाउस और रिसॉर्ट में होती थीं। नव्या एक शराब कारोबारी के साथ तुर्की गई थी। इसके बाद वह दुबई समेत कई देशों की यात्रा कर चुकी है। ज्यादातर वह कारोबारियों और नेताओं के साथ विदेश गई। उसके वाट्सएप चैट की जांच में सामने आया कि वह कई बड़े नेताओं, अधिकारियों और कारोबारियों के संपर्क में थी। उनसे नियमित बातचीत और आना-जाना था। 320 लोगों की सूची, इसमें कई हाईप्रोफाइल परिवारों से जुड़े लोग
पुलिस ने एक विधायक के रिश्तेदार पीयूष अग्रवाल को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था, लेकिन थाने में उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद से वह गायब है। नव्या और विधि अधिकारियों, नेताओं और कारोबारियों के बच्चों से सीधे संपर्क में थीं। पुलिस ने चैट और ट्रांजेक्शन डिटेल के आधार पर 320 लोगों की सूची तैयार की थी। इन्हें बुलाकर काउंसिलिंग की योजना थी, लेकिन अब तक उनसे पूछताछ भी नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि इनमें कई हाईप्रोफाइल परिवारों से जुड़े लोग शामिल हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि ये लोग हर माह 10 से 20 लाख रुपए तक का ड्रग्स खरीदकर नशा करते थे।


