राजधानी के बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में 47 किमी लंबी द्रव्यवती नाले पर 36 किमी एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने के लिए डीपीआर तैयार कराने की घोषणा की है। यह कॉरिडोर स्वर्ण जयंती पार्क (मजार डेम) से जगतपुरा बॉम्बे हॉस्पिटल तक प्रस्तावित है। जेडीए को अगले 6 से 8 महीनों में डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है और 4 से 5 वर्षों में प्रोजेक्ट पूरा करने की प्लानिंग की गई है। जनवरी में जेडीए अधिकारियों के साथ अडानी इन्फ्रा के इंजीनियरों ने भी संभावित रूट का दौरा किया था। राजधानी के लिए क्यों अहम है यह घोषणा? द्रव्यवती शहर में लंबी दूरी तय करती है। एलिवेटेड बनने से प्रमुख सड़कों के समानांतर एक वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। जाम वाले हिस्सों पर दबाव कम होगा और रोड नेटवर्क के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। अनुमानित लागत: 5 से 6 हजार करोड़ रुपए सांगानेर क्षेत्र में एक्सईएन और मानसरोवर में एईएन ऑफिस मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घोषणा की कि भांकरोटा-डिग्गी मालपुरा रोड पर नया एक्सईएन कार्यालय खुलेगा। मानसरोवर क्षेत्र में एईएन ऑफिस शुरू होगा। अभी मानसरोवर और सांगानेर क्षेत्र के लोगों को जल समस्याओं के समाधान के लिए प्रताप नगर जाना पड़ता है। 450 करोड़ से बनेगा अटल बिहारी वाजपेयी ग्लोबल सेंटर युवाओं के गुणवत्तापूर्ण कौशल को दिशा देने की तैयारी है। जयपुर में 450 करोड़ से अटल बिहारी वाजपेयी ग्लोबल सेन्टर फॉर एडवांस्ड स्किलिंग की स्थापना प्रस्तावित है। मेगा प्रोजेक्ट, बड़ी चुनौतियां प्रोजेक्ट की प्लानिंग आसान नहीं मानी जा रही। प्रमुख तकनीकी और भौगोलिक चुनौतियां इस प्रकार हैं।


