पिछले कुछ समय से जिम करते हुए या किसी स्पोर्ट्स एक्टिविटी के दौरान अचानक कार्डियक अरेस्ट के मामले काफी देखने में आ रहे हैं। एसएमएस हॉस्पिटल के एक डॉक्टर की भी खेलते समय अचानक मौत हो गई थी। ऐसे मामलों को देखते हुए स्पोर्ट्स या जिम जॉइन करने से पहले बेसिक कार्डियक स्क्रीनिंग जरूरी है। यह सलाह हार्ट की धड़कन से संबंधित बीमारियों के इलाज और नवीनतम जानकारियां साझा करने के लिए शुक्रवार को जेईसीसी में हुई नेशनल कॉन्फ्रेंस आईसीकॉन 2026 में विशेषज्ञों ने दी। कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. जितेन्द्र मक्कड़ का कहना है कि जयपुर में ही एक साल में ऐसे 15-20 केस सामने आए हैं। बेसिक स्क्रीनिंग में बीपी, शुगर, कॉलेस्ट्रॉल से लेकर ईसीजी और ईको जांच से रिस्क फैक्टर का पता लगाया जा सकता है। इससे कार्डियक अरेस्ट के संभावित खतरे का पहले ही पता लग सकता है। हृदय के इलाज की नई तकनीकों को साझा किया कॉन्फ्रेंस के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. जितेंद्र सिंह मक्कड़ ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में हृदय की धड़कन से जुड़ी बीमारियों और उनके इलाज की नवीनतम तकनीकों के बारे में जानकारियां साझा की जा रही हैं। इस दौरान ईसीजी जांच पर एक क्विज सेशन रखा गया। इसके बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन ईसीजी, ‘पीओआरएस ऑफ ईसीजी’ में डॉ. नितिन कंसल ने साइनस रिदम की उत्पत्ति समझाई। डॉ. दिनेश चौधरी ने ईसीजी पढ़ने का सही तरीका बताया। ‘चैंबर हाइपरट्रॉफी एंड कंडक्शन ब्लॉक’ सत्र में डॉ. सी. सुंदरम और डॉ. संजय देशपांडे ने हृदय के बढ़ाव और ब्लॉकेज की पहचान पर प्रकाश डाला। हार्ट के दो चैंबर मैनेज करेगा सबसे छोटा पेसमेकर जिम या स्पोर्ट्स एक्टिविटी करते हैं तो धीरे-धीरे स्ट्रेंथ बढ़ाएं


