वायुशक्ति-2026:जगुआर-मिराज ने उड़ाए दुश्मन के रनवे-हैंगर, कमांडो की सर्जिकल स्ट्राइक से गूंजा पोकरण

‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाक से सटा बॉर्डर शुक्रवार को एयरफोर्स के ताबड़तोड़ एयर स्ट्राइक थर्रा उठा। पोकरण की चांधन फायरिंग रेंज में वायुशक्ति-2026 के दौरान भारतीय वायुसेना ने फायर पावर ड्रेमोस्ट्रेशन में विमानों ने एयर आक्रमण कर दिखाया। वारगेम के दौरान महज तीन घंटे में 120 विमानों ने 12 हजार किलो गोला बारूद गिराकर 20 से ज्यादा टारगेट तबाह किए। आक्रमण की कमान सुखोई 30 एमकेआई, राफेल ने संभाली। इनमें 73 फाइटर जेट, 43 हेलिकॉप्टर व 8 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट शामिल थे। युद्धाभ्यास में पहली बार स्वेदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस ने भाग नहीं लिया। पहली बार रण क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट एयरबस सी -295 ने नाइट असॉल्ट लैंडिंग की। तीन मिनट में ही रण क्षेत्र में बने कच्चे रनवे पर विमान उतरा और फिर टच डाउन कर टैक ऑफ कर गया। युद्धाभ्यास के दौरान राष्ट्रपति व तीनों सेनाओं की सुप्रीम कमांडर द्रौपदी मुर्मू, राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, सीडीएस जनरल अनिल चौहान एयरफोर्स प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, कई देशों के रक्षा विशेषज्ञ मौजूद रहे। यह है हमारी वायुसेना की ताकत मिग-29 : एक बार उड़ान भरने पर 2 हजार किमी के रेडियस में हमला करने में सक्षम। जगुआर : 4 हजार 500 किलो वजन तक के हवा में मार करने वाले तथा हवा से जमीन पर हमला करने वाले रॉकेट सहित कई हथियार लोड हो सकते हैं। अपाचे : इसकी विशेष डिजाइन की वजह से रडार को चकमा देने में सक्षम। चिनूक : स्पेशल ऑपरेशन के तहत हथियारों से लैस सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में सक्षम। सी-130जे : चार-इंजन वाला टर्बोप्रॉप सैन्य परिवहन विमान, जो हर जगह चलने में सक्षम। सुखोई 30 एमकेआई : हवा से जमीन व हवा से हवा को एक साथ टारगेट को भेद सकता है, 3 हजार किमी मारक क्षमता। प्रचंड : भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, यह 5 हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भरने और हथियार ले जाने में सक्षम है। एमआई 17 : मध्यम परिवहन हेलीकॉप्टर जो अपनी लड़ाकू क्षमताओं के लिए प्रसिद्ध। यह 4 हजार किलोग्राम वजन उठाने में सक्षम। चिनूक : भारी-भरकम दोहरे रोटर वाला सैन्य हेलीकॉप्टर, जो भारतीय वायुसेना सहित कई देशों की सेनाओं में शामिल है। यह 10 टन से अधिक का पेलोड ले जाने, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में काम करने और सैनिकों, भारी हथियारों व रसद को दुर्गम स्थानों तक तेजी से पहुंचाने में सक्षम है। मिग-29 : एक बार उड़ान भरने पर 2 हजार किमी के रेडियस में हमला करने में सक्षम। जगुआर : 4 हजार 500 किलो वजन तक के हवा में मार करने वाले तथा हवा से जमीन पर हमला करने वाले रॉकेट सहित कई हथियार लोड हो सकते हैं। अपाचे : इसकी विशेष डिजाइन की वजह से रडार को चकमा देने में सक्षम। चिनूक : स्पेशल ऑपरेशन के तहत हथियारों से लैस सैनिकों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में सक्षम। सी-130जे : चार-इंजन वाला टर्बोप्रॉप सैन्य परिवहन विमान, जो हर जगह चलने में सक्षम। सुखोई 30 एमकेआई : हवा से जमीन व हवा से हवा को एक साथ टारगेट को भेद सकता है, 3 हजार किमी मारक क्षमता। प्रचंड : भारत का पहला स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर है, यह 5 हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई पर उड़ान भरने और हथियार ले जाने में सक्षम है। एमआई 17 : मध्यम परिवहन हेलीकॉप्टर जो अपनी लड़ाकू क्षमताओं के लिए प्रसिद्ध। यह 4 हजार किलोग्राम वजन उठाने में सक्षम। ऐसे गिराया 12000 किलो विस्फोटक वारगेम के दौरान एयरफोर्स ने इस बार दुगना विस्फोटक गिराया। गत युद्धाभ्यास के दौरान इससे आधा ही गोला बारूद गिराया गया था। एयर डिफेंस का सिस्टम का प्रदर्शन करते हुए स्वदेशी आकाश मिसाइल दागी गई। जबकि नौ चरणों में हुए वारगेम के दौरान प्रिसीजन गाइडेड म्यूनिशन, लेजर गाइडेड बम, आर-73 और मीका एयर-टू-एयर मिसाइल, 450 किलोग्राम और 1000 पाउंड बम से निशाने साधे गए। युद्धाभ्यास का समापन ड्रो शो से हुआ, जब आसमां में फाइटर जेट, ब्रह्मोस मिसाइल की कृतियां बनाई गई। टारगेट किए तबाह- युद्ध अभ्यास के दौरान एयरफोर्स में कुल 18 टारगेट हिट किए गए। इनमें रनवे, पेट्रोल पंप, रडार, टैंक काफिला, फॉरवर्ड एरिया, संचार केंद्र, आर्मी टैंक, व्हीकल कन्वये, ब्रिज, आयुध डिपो, हैंगर, कमांड सेंटर को हवा से जमीन बम और मिसाइल से तबाह किया गया।

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