कोटा के मुकंदरा रिजर्व में एमपी से लाई गई बाघिन:1 हेक्टेयर के सॉफ्ट एनक्लोजर में रिलीज किया, रेडियो कॉलर से रखेंगे निगरानी

कोटा के मुकंदरा टाइगर रिजर्व के लिए होली पर एक पर खुशी की खबर आई है। एमपी के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से बाघिन को मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में शिफ्ट किया गया है। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया एमपी से लाई गई बाघिन को आज सुबह 8:30 बजे करीब मुकंदरा रिजर्व के झामरा घाटी स्थित एक हेक्टेयर के सॉफ्ट एंक्लोजर में रिलीज किया गया है। यहां उसकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग की टीम रेडियो कॉलर के जरिए 24 घंटे बाघिन की निगरानी रखेगी। स्वास्थ्य परीक्षण और उसके बर्ताव के बाद उसे बड़े-बाड़े (एनक्लोजर) में रिलीज किया जाएगा। सुगनाराम जाट ने बताया की एमपी से लाई गई बाघिन साढे तीन साल की है। एमपी की टीम ने
27 फरवरी दोपहर 12.45 बजे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा बफर जोन के जगुआ बीट से सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज किया था। उसके स्वास्थ्य परीक्षण की जांच की। रेडियो कॉलर पहनाया ।जिसके बाद टीम सड़क मार्ग से बाघिन को कोटा लाया गया। ————- ये खबर भी पढ़े -कोटा के 21 हेक्टेयर के जंगल में घूमेगी बाघिन MT-7:रेडियो कॉलर से रखेंगे नजर; 14 महीनों से 5 हेक्टेयर के एनक्लोजर में रह रही थी कोटा में अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से पिछले साल मुकंदरा में शिफ्ट की गई बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से छुटकारा मिल गया है। अब वो थोड़े बड़े जंगल में घूम सकती है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) द्वारा बाघिन को बाड़े से रिलीज करने की परमिशन के बाद आज बाघिन को 5 हेक्टेयर के बाड़े से 21 हेक्टेयर के जंगल में रिलीज किया गया। सीसीएफ सुगनाराम जाट ने बताया- मुकंदरा हिल्स टाइगर रिज़र्व में बाधिन (MT-7) को आज शाम साढ़े 5 बजे ट्रेंकुलाइज किया गया। उसके बाद बाघिन को रेडियो कॉलर लगाया गया। स्वास्थ्य संबंधी जांच के बाद उसे 21 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़ा गया।

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