दुर्ग जिले के सिटी कोतवाली पुलिस ने असरफ नगर तकियापारा स्थित एक मकान में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह भारत बनाम साउथ अफ्रीका क्रिकेट मैच पर दांव लगवा रहा था। पुलिस ने इस मामले में फरार आरोपी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से 2 लाख 70 हजार 500 रुपए की सामग्री और कैश जब्त की गई है। पुलिस को 22 फरवरी 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि, असरफ नगर के एक मकान में भारत-साउथ अफ्रीका मैच पर ऑनलाइन सट्टा चल रहा है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने तत्काल मकान की घेराबंदी कर दबिश दी। ऑनलाइन लगवा रहे थे सट्टा दबिश के दौरान पुलिस ने पाया कि मकान के ऊपरी कमरे में एक एलईडी टीवी पर लाइव मैच चल रहा था। आरोपी मोबाइल के जरिए लोगों से संपर्क कर ऑनलाइन सट्टा खिला रहे थे। पुलिस को देखते ही एक आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन दो लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि, वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर मैच पर दांव लगवा रहे थे। पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप, एक एलईडी टीवी, चार मोबाइल फोन, एक डीवीआर, चार्जर, जियो सेटअप बॉक्स और वाई-फाई उपकरण जब्त किए। इसके अतिरिक्त, 5000 रुपए कैश और एक लेखा कॉपी भी मिली है। 2 लाख से अधिक का सामान जब्त,केस दर्ज जब्त की गई सामग्री की कुल कीमत 2 लाख 70 हजार 500 रुपये आंकी गई है। लेखा कॉपी में सट्टे के लेन-देन का विस्तृत विवरण दर्ज था, जो इस गिरोह के संगठित नेटवर्क का संकेत देता है। इस मामले में अपराध क्रमांक 90/2026 के तहत छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 4, 6, 7 और बीएनएस की धारा 112(2) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रारंभिक कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था। बाद में, पुलिस ने फरार आरोपी शाहिल कुरैशी उर्फ सोनू का पता लगाकर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। अब तक कुल तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है। ये हैं गिरफ्तार आरोपी
1. सोहेल अहमद खान उर्फ मामू (35), निवासी असरफ नगर तकियापारा, दुर्ग
2. संतोष कुमार गोंड (38), निवासी रूआबांधा कुंदरापारा, भिलाई
3. शाहिल कुरैशी उर्फ सोनू (30), निवासी असरफ नगर तकियापारा, दुर्ग क्रिकेट के जुनून में अवैध कमाई पुलिस के अनुसार, आरोपी क्रिकेट मैच के दौरान लोगों के उत्साह का फायदा उठाकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे थे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से हार-जीत पर दांव लगवाकर मोटी रकम वसूल की जा रही थी।


