जैसलमेर में इस बार गर्मी ने समय से पहले असर दिखाना शुरू कर दिया है। फरवरी खत्म होने से पहले ही लोगों को मई-जून जैसी तपिश महसूस होने लगी है। शुक्रवार को दिन का तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया, जिससे शहर की दिनचर्या पर असर साफ नजर आया। रात की ठंडक हुई विदा, दिन में लू जैसे हालात मौसम विभाग के अनुसार, जैसलमेर में तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.5 डिग्री ज्यादा है। रात के पारे में आई इस अचानक बढ़ोतरी ने यह संकेत दे दिया है कि अब थार से गुलाबी ठंड पूरी तरह विदा हो चुकी है। रातें अब ठंडी रहने के बजाय उमस भरी और गर्म होने लगी हैं। बाजारों में पसरा सन्नाटा, बदली दिनचर्या तपती धूप और बढ़ते पारे का सीधा असर शहर की जीवनशैली पर दिखाई दे रहा है। दोपहर 12 बजे के बाद से ही शहर की मुख्य सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है। सैलानियों से गुलजार रहने वाले सोनार दुर्ग और गड़ीसर लेक जैसे पर्यटन स्थलों पर भी दोपहर में सन्नाटा देखा गया। गर्मी के कारण लोगों ने अपनी दिनचर्या में बदलाव किया है; जरूरी काम या तो सुबह जल्दी निपटाए जा रहे हैं या फिर शाम ढलने के बाद। 38 डिग्री तक जा सकता है पारा मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में हवाओं की दिशा नहीं बदली और पश्चिमी विक्षोभ का असर कम रहा, तो दिन का पारा 37 से 38 डिग्री के स्तर को छू सकता है। गर्म हवाओं की सक्रियता बढ़ने से लू जैसी स्थिति समय से पूर्व बन सकती है। विशेषज्ञ की सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अचानक बढ़ी इस गर्मी से डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। दोपहर में बाहर निकलते समय सिर को सूती कपड़े से ढकें और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।


