नाबालिग से गैंगरेप के करीब डेढ़ साल पुराने मामले में करौली विशिष्ट कोर्ट पॉक्सो जज बृजेश शर्मा ने आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास और 1 लाख 30 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। इसके साथ ही, पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 4 लाख रुपए की सहायता राशि देने का भी आदेश दिया गया है। पॉक्सो कोर्ट के विशिष्ट लोक अभियोजक गजेंद्र शर्मा ने बताया कि यह मामला 12 नवंबर 2024 को नई मंडी थाना हिंडौन में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग पुत्री के साथ हुए गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, आरोपी प्रवेश नाबालिग को किताब-कॉपी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया था। जब दो घंटे तक पीड़िता घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। शाम करीब 5 बजे आरोपी पीड़िता को छोड़कर फरार हो गया। पीड़िता ने पूछताछ में बताया कि आरोपी उसे हिंडौन रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल में ले गया था। वहां आरोपी और उसके दो अन्य साथियों ने मिलकर उसके साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट में चालान पेश किया। कोट्र में सुनवाई के दौरान 16 दस्तावेज और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इन्हीं गवाहों और सबूतों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।


