हिमाचल में भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर एआई समिट प्रकरण और रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (आरडीजी) को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय की भूमिका की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। शर्मा ने कहा कि 20 फरवरी की कथित राष्ट्रविरोधी घटना से जुड़े लोगों को हिमाचल सदन में ठहराया गया था और इसकी बुकिंग मुख्यमंत्री कार्यालय से होने का दावा किया। भाजपा ने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री या मंत्रियों ने आरडीजी बहाली के लिए प्रधानमंत्री या केंद्रीय वित्त मंत्री से औपचारिक मुलाकात की। पार्टी ने पूरे घटनाक्रम की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है, ताकि तथ्य स्पष्ट हो सकें। हिमाचल पुलिस की कार्रवाई पर सवाल शर्मा के अनुसार, दिल्ली पुलिस द्वारा आरोपियों को हिमाचल लाने और बाद में उन्हें वापस ले जाने की प्रक्रिया के दौरान हिमाचल पुलिस की कार्रवाई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस को रोककर एफआईआर दर्ज करना राजनीतिक दबाव का संकेत देता है और पूरे मामले में सरकारी संरक्षण की आशंका जताई। परंपरा का पालन नहीं किया आरडीजी मुद्दे पर भाजपा विधायक ने कहा कि बजट सत्र के दौरान परंपरा के अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाना चाहिए था, लेकिन सरकार ने आरडीजी पर संकल्प लाकर चर्चा करवाई। उनका आरोप है कि प्रस्ताव पारित होते ही सदन स्थगित कर दिया गया, जो विधानसभा की परंपराओं के विपरीत है।


