डीडवाना के गवर्नमेंट बांगड़ जिला अस्पताल के सभागार में शनिवार को जिला स्तरीय प्रसव संबंधी तकनीकी दक्षता प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिकित्साकर्मियों की कार्यकुशलता में वृद्धि कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना और सुरक्षित प्रसव सेवाओं को मजबूत बनाना था। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. इरफान अली के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों से आए चिकित्साकर्मियों को प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं के प्रबंधन, प्रसव वॉच, अपगार स्कोर, नवजात शिशु की देखभाल और बेसिक एनआरपी (NRP) जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रायोगिक ज्ञान दिया गया। प्रतिभागियों को आपातकालीन स्थितियों में त्वरित और सटीक निर्णय लेने के लिए विशेष अभ्यास सत्र भी कराए गए। दक्ष प्रशिक्षकों में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूनम सोमरा, डॉ. अरविन्दर चौधरी, नर्सिंग ऑफिसर लक्ष्मीनारायण भाटी, सुनीता पूनिया, संतोष भाकर और दिव्या सिंह शामिल थे। इन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रसव संबंधी जोखिमों से प्रभावी ढंग से निपटने के तरीके सिखाए। समापन सत्र में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत सिंह शेखावत ने सफल प्रशिक्षणार्थियों को दक्षता प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि ऐसे प्रशिक्षण चिकित्साकर्मियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में भी उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य सूचकांकों की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव और गर्भवती महिलाओं की नियमित देखभाल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। संस्थान के तकनीकी सहायक अमरीश माथुर ने चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर तकनीकी विकास को देखते हुए आजीवन सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार मिल सके। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के शिवहरी पांडे सहित पूजा नायक, लकी, राधा कुमारी, सरोज, बबीता, कविता, पवन कुमार, गजानंद, शारदा और किरण समेत कई चिकित्साकर्मी उपस्थित रहे।


