भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत मांगने के मामले में ग्राम पंचायत करवरी कलां, पंचायत समिति किशनगंज के तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी (VDO) महावीर सहरिया को गिरफ्तार किया है। एसीबी ने विशिष्ट न्यायालय में उनके खिलाफ चालान पेश किया है। आरोपी को 7 मार्च तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। यह मामला 13 जून 2022 को एक परिवादी की शिकायत के बाद सामने आया था। परिवादी ने बताया था कि उसने अपनी बाड़ा भूमि का पट्टा ग्राम पंचायत करवरी कलां से बनवाया था, जिसकी रजिस्ट्री तहसील किशनगंज में होनी थी। रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव महावीर सहरिया 1000 रुपए की रिश्वत मांग रह है। इसके अतिरिक्त सहरिया प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत शौचालय की 12 हजार रुपए की राशि जारी करने के बदले भी 2000 रुपए की मांग कर रहा था। 14 जून 2022 को एसीबी ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान आरोपी ने पट्टे के पंजीयन पर हस्ताक्षर के लिए 1000 रुपए मांगे और 300 रुपए प्राप्त किए, जबकि शेष 700 रुपए बाद में लेने पर सहमति जताई। सत्यापन में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की कार्रवाई प्रस्तावित की गई, लेकिन परिवादी पर शक होने के कारण यह सफल नहीं हो सकी। इसके बाद 30 दिसंबर 2022 को ब्यूरो मुख्यालय में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामले की जांच पुलिस निरीक्षक पृथ्वीराज द्वारा की गई, जिसमें आरोपी के खिलाफ आरोप प्रमाणित पाए गए। अभियोजन स्वीकृति जिला परिषद बारां के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से प्राप्त की गई। उप महानिरीक्षक पुलिस द्वितीय आनंद शर्मा के सुपरविजन में एसीबी कोटा देहात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल सिंह कानावत ने 26 फरवरी को आरोपी महावीर सहरिया को गिरफ्तार किया। उसे विशिष्ट न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, बारां की अदालत में पेश किया गया। न्यायालय ने आरोपी को 7 मार्च 2026 तक न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए, जिसके बाद उसे जिला कारागार बारां में दाखिल कराया गया। 27 फरवरी को एसीबी की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन के माध्यम से एसीबी कोर्ट बारां में चालान पेश कर दिया गया।


