प्रतापगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ में पकड़े 8 आरोपी:1 फरवरी को जनरल स्टोर की आड़ में चल रही एमडी फैक्ट्री में मारा था छापा, पांच की पहले हो चुकी गिरफ्तारी

प्रतापगढ़ पुलिस ने ‘ऑपरेशन त्रिनेत्र’ के तहत एमडी मादक पदार्थ फैक्ट्री मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में मुख्य आरोपी श्रेयास उर्फ यश मोगरा के नेटवर्क से जुड़े 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने एक दर्जन से अधिक अन्य आरोपियों को नामजद कर उनकी तलाश तेज कर दी है। यह कार्रवाई अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस थाना अरनोद की टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क एमडी के निर्माण, आपूर्ति और खरीद-फरोख्त में शामिल था। जनरल स्टोर की आड़ में चल रही थी एमडी फैक्ट्री पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने बताया- इस मामले की शुरुआत 1 फरवरी को हुई थी। तब प्रतापगढ़ पुलिस ने वॉटर वर्क्स रोड स्थित एक किराना एवं जनरल स्टोर और उसके पीछे बने गोदाम में चल रही अवैध एमडी फैक्ट्री पर छापा मारा था। उस कार्रवाई के दौरान 106 ग्राम एमडी, 114 किलो 750 ग्राम लिक्विड केमिकल और मादक पदार्थ बनाने के उपकरण बरामद किए गए थे। इस प्रकरण में पहले ही 25-25 हजार के इनामी आरोपी रोहित मोगरा और धर्मचंद मोगरा सहित मुख्य आरोपी श्रेयास उर्फ यश मोगरा को गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके साथ अन्य सहयोगियों को भी पकड़ा गया था। कई जगहों पर तैयार होती थी एमडी जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी श्रेयास उर्फ यश मोगरा अपने साथियों के साथ मिलकर प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा जिले के विभिन्न जगहों, अखेपुर, हिम्मत सिंह का गढ़ा, पालोदा और ओड़ा में एमडी तैयार करता था। इसके लिए केमिकल मुंबई, चेन्नई, वडोदरा, राजकोट, इंदौर और उदयपुर जैसे शहरों से ऑनलाइन और ऑफलाइन मंगवाए जाते थे। पुलिस ने इस नवीनतम कार्रवाई में समरथ उर्फ देवीलाल मीणा, पंकज शर्मा, जेकी दमामी, समीर घोसी, अरबाज, करीम खान, पवन उर्फ प्रिंस और दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार किया है। कुछ अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। अब तक 13 आरेपी गिरफ्तार अब तक इस पूरे मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है, जिसमें आपूर्ति श्रृंखला और अन्य जुड़े लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि एमडी तस्करी का यह नेटवर्क कई जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है।

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