जोधपुर के मंडल रेलवे अस्पताल के ईएनटी विभाग की टीम ने एक 70 वर्षीय सेवानिवृत्त रेलकर्मी की नाक की हाई रिस्क सर्जरी सफलतापूर्वक की है। मरीज को नाक में गांठ होने के कारण लगातार खून बह रहा था। मरीज कई अन्य गंभीर बीमारियों के कारण उसे ‘हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया था। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सीताराम बुनकर ने बताया- मरीज पिछले तीन सालों से नाक बंद रहने और खून आने की समस्या से परेशान था। जांच में पता चला कि उसकी बाईं नाक में लगभग चार साल से एक रक्त की गांठ बनी हुई थी। लगातार रक्तस्राव के कारण उसके शरीर में खून की भारी कमी (एनीमिया) हो गई थी, जिसके चलते ऑपरेशन से पहले अलग से रक्त की व्यवस्था करनी पड़ी। निजी अस्पताल छोड़ रेलवे में कराया उपचार डॉ. बुनकर के अनुसार रोगी को पिछले 10 साल से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की शिकायत है। साथ ही, दो वर्ष पहले उसके हार्ट में स्टेंट भी लगाया गया था। मरीज ने पहले निजी अस्पताल में भी संपर्क किया था, लेकिन अंततः रेलवे हॉस्पिटल पर भरोसा जताते हुए यहीं उपचार करवाना तय किया। इन गंभीर बीमारियों को देखते हुए सीनियर मंडल मेडिकल ऑफिसर (ईएनटी) डॉ. गुलाब सिंह सारण के नेतृत्व में जरूरी सहमति लेकर यह सर्जरी की गई। मॉड्यूलर ओटी में दो घंटे चला ऑपरेशन रेलवे हॉस्पिटल के लेटेस्ट मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर में करीब दो घंटे तक चली सर्जरी में गांठ को सुरक्षित निकाल लिया गया। इस दौरान एनेस्थीसिया एक्सपर्ट डॉ. प्रद्युम्न कुमार साहू, नर्सिंग स्टाफ राजवंत कौर, ऋषि गहलोत, ड्रेसर सुरेंद्र और चंद्र प्रकाश ने अहम भूमिका निभाई। डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने टीम के बेहतरीन प्रयासों की सराहना की है। गौरतलब है कि हाल ही में महानिदेशक रेलवे स्वास्थ्य सेवा डॉ. जगदीश चंद्र और प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. कृष्ण कुमार ने भी अस्पताल के मॉड्यूलर ओटी और सर्जिकल टीम के काम की तारीफ की थी।


