पानी और सीवरेज कनेक्शन के लिए लोगों से लिए 10 लाख रुपए नगर कौंसिल में जमा न करवाने का आरोप लगा है। नगर कौंसिल कार्यालय में तैनात एक महिला कर्मचारी पर आरोप हैं कि उसने सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया है। शिकायतकर्ता संदीप कुमार निवासी नई आबादी, फाजिल्का, भजन लाल, सतनाम सिंह और पार्षद बाबू राम ने एडीसी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि लोगों से पानी और सीवरेज कनेक्शन के नाम पर प्रति फाइल 20,000 से 50,000 रुपए तक लिए गए हैं। आरोप है कि कौंसिल महिला कर्मचारी ने यह राशि सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय खुद रख लिया है। आवेदकों को रसीद देने के नाम पर चक्कर लगवाए गए और बाद में साक्ष्यों को मिटाने के लिए सरकारी फाइलों को ही खुर्दबुर्द कर दिया गया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जब पोर्टल पर चेक किया तो मामले का खुलासा हुआ। पोर्टल पर असली मालिक के दस्तावेजों को हटाकर किसी अन्य व्यक्ति के कागजात संलग्न कर दिए गए थे। शिकायत में उन 12 संदिग्ध खातों का ब्यौरा दिया गया है जिनमें डिजिटल हेरफेर कर करीब 10 लाख रुपए का गबन किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि बड़े स्तर पर डिजिटल रिकॉर्ड बदलना और सरकारी राशि को हड़पना प्रशासनिक अधिकारी या राजनीतिक संरक्षण के बिना संभव नहीं है। नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) वीर विक्रम धुड़िया का कहना है कि संदीप कुमार और एडीसी की ओर से शिकायतें मिली हैं कि पानी और सीवरेज कनेक्शन के पैसे सरकारी खाते में जमा नहीं करवाए गए हैं। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। अकाउंटेंट और एएमई बुधवार तक रिपोर्ट देंगे। जांच में जो संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


