विदेश भेजने का सपना दिखाकर ट्रैवल एजेंट ने एक दंपती से 22 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने पहले फर्जी दस्तावेज तैयार कर शिकायत भी बंद करवा दी, लेकिन दंपती ने हार नहीं मानी और मामला डीजीपी पंजाब तक पहुंचाया। इसके बाद दोबारा केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायतकर्ता प्रभजोत कौर निवासी शिमलापुरी ने बताया कि उनके पति हरप्रीत सिंह पेशे से कारपेंटर हैं। वर्ष 2024 में उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो देखा, जिसमें सराभा नगर स्थित एक फर्म कम पैसों में पूरे परिवार को इंग्लैंड भेजने का दावा कर रही थी। दंपती अपने बेटे के साथ फर्म के ऑफिस पहुंचे। वहां एजेंटों ने भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही तीनों को इंग्लैंड भेज देंगे। झांसे में आकर उन्होंने घर और गहने गिरवी रखकर 22 लाख रुपए दे दिए। कई महीने बीत गए, लेकिन न वीजा लगा और न ही विदेश भेजा गया। बाद में आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत दी तो आरोपियों ने चाल चलते हुए उसके खाते में 8 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए और उसी आधार पर फर्जी हलफनामा तैयार करवा लिया, जिसमें समझौता दिखाया गया। इस दस्तावेज के आधार पर शिकायत बंद कर दी गई। इसके बाद दंपती ने जुलाई 2025 में पंजाब पुलिस के डीजीपी को शिकायत दी। जांच लुधियाना पुलिस को सौंपी गई। जांच के बाद मोहाली निवासी मनधीर बजाज और खरड़ निवासी नवजोत सिंह के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर-5 में धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है और जांच जारी है।


