भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय, लुधियाना कार्यालय द्वारा अमृतसर में आयोजित 2 दिवसीय ‘बहुमुखी बौद्धिक संपदा अधिकार’ (आईपीआर) यात्रा कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, निर्यातकों और आयातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा करने के लिए उनके कानूनी अधिकारों और ब्रांड सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के पहले दिन का आयोजन खालसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में किया गया, जबकि दूसरे दिन का सत्र फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्टर्स ऑर्गनाइजेशन के सहयोग से होटल हॉलिडे इन में संपन्न हुआ। इसमें 150 से अधिक उद्यमियों और विभिन्न औद्योगिक संघों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एमएसएमई-डीएफओ लुधियाना के उप निदेशक वज़ीर सिंह ने पीएमईजीपी, जेड और लीन मैन्युफैक्चरिंग जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। संयुक्त निदेशक पंकज कुमार झा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में जोर दिया कि व्यवसायों की सुरक्षा के लिए बौद्धिक संपदा अधिकार अनिवार्य हैं। उन्होंने उद्यमियों को भारत सरकार की सब्सिडी और सहायता योजनाओं का लाभ उठाकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों ने पेटेंट, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और औद्योगिक डिजाइन पंजीकरण की जटिल प्रक्रियाओं को सरल भाषा में समझाया।


