सतीश कपूर श्री आनंदपुर साहिब में होला महल्ला का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर गांव काले, खैराबाद, माहल और डेरा निहंग सिंह कॉलोनी के निवासी आपसी सहयोग से होला महल्ला जाने वाली संगत के लिए पिछले 14 वर्षों से लगातार 10 दिनों तक लंगर का आयोजन कर रहे हैं। इस लंगर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह बिना रुके 24 घंटे निरंतर चलता है। सेवादारों का जज्बा ऐसा है कि यदि कोई श्रद्धालु आधी रात को भी यहां पहुंचता है, तो उसे आदरपूर्वक लंगर छकाकर ही भेजा जाता है। इस कार्य में लगभग 50 से 60 सेवादार दिन-रात जुटे रहते हैं, जिनमें डेरा निहंग सिंह कॉलोनी के निवासियों का विशेष योगदान रहता है। सेवादारों के अनुसार सुबह चाय पकौडे, ब्रेड समेत अन्य सामान संगत में बांटा जाता है। चाय के साथ बेसन की बर्फी भी बांटी जाती है। जबकि 11 के बाद कढ़ी चावल, दाल रोटी, सब्जियां लंगर में परोसी जाती है। जबकि गर्मी को देखते दोपहर को लस्सी और दही भी संगत में बांटा जाता है। इस लंगर सेवा में समाज का हर वर्ग अपना योगदान दे रहा है। जहां महिलाएं रोटियां बनाने की जिम्मेदारी संभालती हैं, वहीं हलवाई और अन्य पुरुष सदस्य सब्जियां तैयार करने में लगे रहते हैं। सेवादारों में राज मिस्त्री, लकड़ी मिस्त्री और सरिया बांधने वाले कारीगर भी शामिल हैं, जो अपने काम और कर्मचारियों को साथ लेकर दिन-रात सेवा में जुटे हैं। बरसात और तेज धूप से संगत को बचाने के लिए सेवादारों ने बांस के पंडाल और शामियाने खुद तैयार किए हैं। स्थानीय लोग भी इस सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और दूध व सब्जियां दान कर रहे हैं। मुख्य सेवादारों में शेरसिंह, बघेल सिंह, मुख्य सेवादार बाबा हरि सिंह, हरदेव सिंह सोनू, ठेकेदार गोरा, शमशेर सिंह, लखबीर सिंह लक्की, लवजीत सिंह खैराबाद, पप्पू माहल, सरदार जस्सा सिंह सारागढ़, मुख्य सेवादार बाबा विचित्र सिंह, बाबा अनोक सिंह, अवतार सिंह, लक्खा सिंह जगोआना, बूटा सिंह शामिल हैं ।


