भास्कर न्यूज | जालंधर केएमवी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा “पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी’ और मीडिया की भूमिका पर राष्ट्रीय सेमिनार करवाया गया। राजनीति विज्ञान विभाग और पीजी पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नीलम माहे रहे। उन्होंने कहा कि हालांकि सामाजिक परिवर्तन कभी भी क्रांतिकारी प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि यह धीरे-धीरे होता है, लेकिन चुनाव लड़ने के रूप में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी निश्चित रूप से चुनौतियों का सामना कर रहे पितृसत्तात्मक सामाजिक ढांचे को रेखांकित करने वाला एक सकारात्मक संकेत है। वहीं मुख्य वक्ता डॉ. अमीर सुल्ताना ने कहा कि पंजाब में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। इस मौके पर डॉ. सतनाम सिंह देओल ने महिलाओं के चुनाव लड़ने, निर्णय लेने और प्रभावी शासन के अर्थ, कारणों, विभिन्न चुनौतियों और बाधाओं पर प्रकाश डाला। डॉ. रणबीर सिंह ने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी के इर्द-गिर्द कहानी को आकार देने में पारंपरिक और डिजिटल मीडिया की भूमिका की जांच की। प्राचार्य डॉ. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने कहा कि सेमिनार का मुख्य उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की भागीदारी के वर्तमान रुझानों पर चर्चा करना और जमीनी स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक नीतियों पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान करना है। यहां डॉ. इकबाल सिंह, सहजपाल सिंह, डॉ. मधुमीत और आशिमा साहनी भी मौजूद रहीं। सेमिनार को संबोधित करतीं (बाएं से दाएं) मुख्यातिथि नीलम महे, प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी, डॉ. अमीर सुलताना, प्रो. रणबीर सिंह, डॉ. सतनाम सिंह।


