दुबई-अबुधाबी में फंसे कोटा के 3 स्टूडेंट्स:जोधपुर के 120 श्रद्धालु फंसे, बोले-चारों तरफ मिसाइल के धमाके हो रहे; दुबई एयरपोर्ट बंद

इजराइल और अमरीका के ईरान पर हमला करने के बाद युद्ध के हालात के कारण कोटा के तीन स्टूडेंट्स दुबई-अबुधाबी में फंस गए हैं। ईरान ने इजराइल के अलावा कतर, यूएई, जॉर्डन सहित मिडिल ईस्ट के कई देशों पर हमला किया है, जिससे वहां हवाई सेवा बंद कर दी गई। कोटा निवासी कॉलोनाइजर राजकुमार जैन के बेटे सिद्धार्थ जैन सहित 3 स्टूडेंट्स दुबई में फंसे हुए हैं। उनके साथ सीकर व दिल्ली के 4 और स्टूडेंट्स भी हैं। स्टूडेंट्स के परिजन परेशान है। उनका कहना है कि सरकार उनके बच्चों को जल्दी से जल्दी वहां से निकाले। वहीं जोधपुर के 120 श्रद्वालु दुबई में फंस गए हैं। ये सभी लोग बड़ा रामद्वारा सूरसागर के संत अमृतराम महाराज की कथा सुनने के लिए दुबई गए थे। महाराज की 24 से 28 फरवरी तक दुबई में कथा थी, जो सेवन सीज होटल में थी। सभी लोग 23 फरवरी को दुबई गए थे। वहीं कथा 28 फरवरी को खत्म हुई तो वे वापस आने वाले थे। जोधपुर के मंडोर और सूरसागर के माली समाज के करीब 100 लोग इसमें शामिल होने गए थे। कथा शनिवार को समाप्त होने के बाद सभी आबुधाबी एयरपोर्ट पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद उन्हें उड़ान रद्द होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने उन लोगों को वापस होटल भेज दिया। वहीं दुबई में फंसे लोगों ने केंद्रीय सरकार से तत्काल मदद की मांग की है। दुबई में फंसे सिद्धार्थ से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि वे दुबई के एकेडमी एजुकेशनल जोन में हैं और एक हॉस्टल में ठहरे हुए हैं। उनके हॉस्टल के पास ही मिसाइल से हमला हुआ है। सिद्धार्थ जैन के पिता कोटा में कॉलोनाइजर है प्रॉपर्टी का काम करते हैं। सिद्धार्थ ने दुबई से दोस्त के साथ फोटो और वीडियो भेजा। उसने बताया, ‘जहां हम ठहरे हुए हैं। वहां थोड़ी-थोड़ी देर में धमाके हो रहे हैं। बिल्डिंग के ऊपर से मिसाइल गुजर रही हैं। हर मिसाइल की आवाज सुन कर सहम जाते हैं। हम सभी काफी दहशत में हैं। कुछ लोग यहां से पास ही स्थित शारजहां शहर की तरफ जाने की तैयारी कर रहे हैं।’ 4 साल बाद घर लौट रही थी तान्या, अबुधाबी एयरपोर्ट पर फंसी वहीं कोटा निवासी तान्या शर्मा कनाडा से भारत आते समय अबुधाबी में फंस गई। एयरलाइन ने फिलहाल उन्हें होटल में शिफ्ट किया है, लेकिन कई फ्लाइट्स दुबई में अटक जाने के कारण अव्यवस्था की स्थिति है और यात्री परेशान हो रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार जल्दी बाहर निकाले। तान्या ने बताया कि मैं शनिवार को भारत आ रही थी। मेरी अबुधाबी से मुंबई की कनेक्टिंग फ्लाइट थी। कनाड़ा से अबुधाबी पहुंच गई और मुंबई की फ्लाइट के लिए चेक-इन भी कर लिया था। तभी एक विस्फोट हुआ और अफरा-तफरी मच गई। एयरपोर्ट बंद कर दिया और तुरंत ही आर्मी पहुंच गई। पूरा एयरपोर्ट खाली करा दिया और हमें होटल में शिफ्ट कर दिया। बतादें, तान्या कनाडा में रहती है और वहीं जॉब करती है उसने तान्या ने मुंबई से एमबीए की पढ़ाई मुंबई से की और आगे की कनाड़ा से। तान्या 4 साल बाद कनाडा से भारत आ रही थी। उसकी अबू धाबी में फ्लाइट कनेक्टिंग के दौरान अचानक विस्फोट हो गया और तान्या वही फंस गई। तान्या कोटा के स्टेशन भीमगंज मंडी इलाके की रहने वाली है फिलहाल परिवार 2008 से मुंबई में रहता है। इस घटना के बाद उसके पिता ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से भी कॉन्टैक्ट किया है। वह 1 महीने की छुट्टी पर भारत आ रही थी जिसमें उसका भारत के धार्मिक स्थलों पर घूमने और अमृतसर में दोस्त की शादी अटेंड करने का प्लान था। तान्या के 4 साल बाद भारत वापस आने से परिवार में खुशी का माहौल था लेकिन अचानक दुबई एयरपोर्ट पर अटैक होने से अब परिवार बेटी के सुरक्षित घर लौटने की प्रार्थना कर रहा है। परिजनों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मदद की गुहार की है। दुबई में फंसे सिद्धार्थ के पिता ने बताया कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष और केंद्र सरकार से मदद मांगी है। बच्चों की डिटेल मांगी गई थी, जो भेज दी है। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि वे लगातार बच्चों के सम्पर्क बना हुए हैं। जैसे ही कोई इंतजाम होगा, उन्हें तत्काल भारत ले जाएंगे। उधर, तान्या जब एयरपोर्ट पहुंची तो वहां मिसाइल से हमला हुआ। वह कई घंटे एयरपोर्ट पर पंसी रही। उसके परिजन परेशान है। उन्होंने तान्या से बात की है। — ये खबर भी पढ़ें जोधपुर के 120 श्रद्धालु दुबई में फंसे:कथा सुनने के लिए 23 फरवरी को गए थे, देर रात एयरपोर्ट पहुंचे तो पुलिस ने वापस होटल भेजा ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के कारण जोधपुर के 120 श्रद्वालु दुबई में फंस गए हैं। ये सभी लोग बड़ा रामद्वारा सूरसागर के संत अमृतराम महाराज की कथा सुनने के लिए दुबई गए थे। महाराज की 24 से 28 फरवरी तक दुबई में कथा थी, जो सेवन सीज होटल में थी। सभी लोग 23 फरवरी को दुबई गए थे। वहीं कथा 28 फरवरी को खत्म हुई तो वे वापस आने वाले थे। (पूरी खबर पढ़ें)

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