गरियाबंद जिले के अमलीपदर थाना क्षेत्र स्थित कांडसर गौशाला में पांच दिवसीय विश्व शांति यज्ञ और गौ मेला शुरू हो गया है। इस साल मेले में निशुल्क प्राकृतिक चिकित्सा का लाभ भी लोगों को मिलेगा। मेले का शुभारंभ गौ माता के स्वागत के साथ हुआ, जिसमें गौ सेवा आयोग और योग आयोग के अध्यक्ष मौजूद रहे। यह आयोजन बाबा उदयनाथ की कांडसर स्थित गौशाला में हो रहा है। प्रकृति के प्रति प्रेम जागृत करने के उद्देश्य से पिछले 20 सालों से चली आ रही इस परंपरा की शुरुआत गौ शोभा यात्रा से हुई। बाबा उदयनाथ गौ माता के साथ आश्रम आयोजन शाला पहुंचे। डूमाघाट से कांडसर गौशाला तक शोभायात्रा शोभायात्रा डूमाघाट पंचायत कार्यालय से शुरू होकर 3 किलोमीटर पैदल चलकर कांडसर गौशाला पहुंची। गौ माता के साथ-साथ इस पांच दिवसीय आयोजन के अन्य अतिथि जैसे अंबू वृक्ष, अर्क पौध और वायु भी साथ चल रहे थे। पूरे रास्ते में सफेद कालीन बिछाया गया था। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने गौ माता के पगों के नीचे आकर ‘गौ पग बाधा’ का पुण्य लाभ लिया। ऐसी मान्यता है कि इससे पुण्य लाभ के साथ-साथ शारीरिक कष्ट और विकार भी दूर होते हैं। होलिका दहन के बाद पूर्णाहुति मेले में होलिका दहन के अगले दिन पूर्णाहुति होती है, जिसमें गौ काष्ठ और आयुर्वेदिक लकड़ियों का हवन किया जाता है। अंतिम दिन यज्ञ की राख से तिलक लगाकर होली खेली जाती है। इस वर्ष गौशाला में इन पांच दिनों के दौरान लोग प्राकृतिक चिकित्सा का भी लाभ उठा सकेंगे। इसकी शुरुआत आज से हुई है। ओडिशा से आए विशेषज्ञ और बाबा उदयनाथ प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग कर विभिन्न रोगों का निशुल्क उपचार करेंगे।


