बलरामपुर के तातापानी में जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला मंदिर प्रांगण में संपन्न हुई। डी-लिस्टिंग की व्यापक तैयारियों को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनजाति समाज के लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान महादेव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने संकल्प लिया कि डी-लिस्टिंग की मांग तब तक जारी रहेगी, जब तक संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन कर आवश्यक कानून नहीं बनाया जाता। कार्यशाला में आगामी दिल्ली में प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें संगठनात्मक मजबूती और जनजागरण को लेकर रणनीति भी तय की गई। संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन की मांग दोहराई जनजाति सुरक्षा मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि जो लोग अपने मूल धर्म से धर्मांतरण कर अन्य धर्म अपना चुके हैं, वे अब भी सरकारी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं। इससे जनजातीय समाज के वास्तविक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। मंच द्वारा संविधान के अनुच्छेद 342 में संशोधन की मांग को लेकर ‘डी-लिस्टिंग’ के नाम से देशव्यापी संघर्ष रैली की मुहिम चलाई जा रही है। कार्यक्रम का समापन समाज की एकजुटता और आगामी दिल्ली कार्यक्रम में व्यापक भागीदारी के संकल्प के साथ हुआ। कार्यशाला में जशपुर के प्रांत सह संयोजक इंद्र भगत मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बलरामपुर के जिला संयोजक मेहीलाल सिंह आयम, सह संयोजक शशिकला भगत, जिला टोली सदस्य मुंशीराम शांडिल्य और अर्जुन सिंह, तथा वनवासी कल्याण आश्रम के संगठन मंत्री पीताम्बर सिंह भी उपस्थित थे। इनके अतिरिक्त, शंकर सिंह, उदय राम, जय शंकर सिंह, रामविचार सिंह सहित जनजाति समाज के कई गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।


