बांसवाड़ा के सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सरकारी शिक्षक को झांसे में लेकर ओटीपी पूछा और उसके डिजिटल वॉलेट से 5 लाख 32 हजार 111 रुपए पार कर दिए थे। बलराम मीणा (31) निवासी सिसौलाव, सवाई माधोपुर और विकास कुमार मीणा (24) निवासी गुडाडिया, जिला दौसा को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। वेरिफिकेशन के नाम पर OTP मांगा रिपोर्ट में बताया- राकेश कतिजा निवासी पटैलिया निवासी बागीदौरा 13 जनवरी 2026 को अपने घर जा रहे थे। रास्ते में उनके पास एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को SD Pay Hub कंपनी का प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनके खाते का वेरिफिकेशन करना है। शातिर ठग ने बातों में उलझाकर राकेश से उनके मोबाइल पर आया ओटीपी मांग लिया। 5 लाख 32 हजार ठगे जैसे ही राकेश ने ओटीपी साझा किया, उनके खाते से पहले ₹2,111 और उसके तुरंत बाद ₹5,30,000 कट गए। कुछ ही मिनटों में उनके खाते से कुल ₹5,32,111 की निकासी हो गई। ठगी का अहसास होने पर जब पीड़ित ने वापस कॉल किया, तो आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिया। रुपए वापस डालने का झांसा देते रहे थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया- पीड़ित पेशे से सरकारी शिक्षक हैं। घटना 13 जनवरी को हुई थी। इसके बाद से आरोपी शिक्षक को टालमटोल कर और ठगने का प्रयास कर रहे थे। महीने भर तक पैसे वापस डालने का झांसा दे रहे थे। इसके बाद 14 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज करवाने पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। तकनीकी जांच और इनपुट से दबोचे गए आरोपी पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी के निर्देशन में सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने मोबाइल नंबरों की जांच की और तकनीकी साक्ष्य जुटाए थे। पुलिस टीम ने सवाई माधोपुर और दौसा पुलिस के सहयोग से दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।


