केंद्र सरकार भी अब नशे के खिलाफ एक्शन में:अमित शाह बोले– 12 केसों में 29 को दिलाई सजा; 2 मामले पंजाब-चंडीगढ़ के

पंजाब और चंडीगढ़ की सरकार के बाद अब केंद्र सरकार भी नशा तस्करों के खिलाफ एक्शन मोड में आ गई है। देश के गृह मंत्री अमित शाह ने आज अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट डालकर दावा किया कि पैसे का लालच देकर युवाओं को नशे की खाई में धकेल रहे तस्करों के खिलाफ केंद्र सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि ऐसे 12 अलग-अलग मामलों में 29 लोगों को सजा दिलाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार नशा मुक्त भारत के निर्माण के लिए जांच जारी रखेगी। अगर 12 मामलों की बात करें तो इनमें से दो मामले पंजाब और चंडीगढ़ से जुड़े हैं, जिनमें चार लोगों को सजा हुई है। ये दोनों मामले एनसीबी चंडीगढ़ की टीम ने सुलझाए हैं। इनमें से एक दोषी पुलिस का मुंशी भी है, जिसे सजा दिलाई गई है। पुलिस वाला ही नशा तस्करी में था शामिल जानकारी के मुताबिक, पहला मामला लुधियाना से जुड़ा है। एनसीबी चंडीगढ़ के अधिकारियों ने डीएचएल एक्सप्रेस, लुधियाना में 438 ग्राम अफीम से भरी दो हॉकी स्टिक वाले पार्सल को पकड़ा था। इस पार्सल की बुकिंग आरोपी नसीब सिंह ने की थी, और बुकिंग के दौरान गोबिंद सिंह (जो पंजाब पुलिस का प्रमुख मुंशी था) उसके साथ था। इस संबंध में एनसीबी ने 2024 में एफआईआर नंबर 6 दर्ज की थी। इस मामले में विशेष अदालत, लुधियाना ने 31 जनवरी 2025 को फैसला सुनाया और नसीब सिंह व गोबिंद सिंह को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 18 (सी), 23, 28 और 29 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने दोनों को 3 साल की जेल और 10,000 रुपए जुर्माना (जुर्माना न भरने पर एक महीने की अतिरिक्त कैद) की सजा सुनाई। चंडीगढ में ट्रेन से जाता था पकड़ा था तस्कर दूसरा मामला चार साल पुराना, 30 दिसंबर 2021 का है। एनसीबी चंडीगढ़ जोनल यूनिट ने चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर भीम लामा नामक व्यक्ति को 390 ग्राम चरस के साथ पकड़ा था। वह मुंबई जाने वाली पश्चिम एक्सप्रेस ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा था। इस मामले में विशेष कोर्ट, चंडीगढ़ ने 8 जनवरी 2025 को फैसला सुनाया। कोर्ट ने भीम लामा को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 20 के तहत दोषी ठहराया। हालांकि, अदालत ने दोषी द्वारा दिखाए गए पश्चाताप और जब्त की गई चरस की गैर-व्यवसायिक मात्रा को ध्यान में रखते हुए, उसे 6 महीने का कठोर कारावास और 5,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई।

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