नागौर में सनातन संस्कृति के संरक्षण पर हुआ मंथन:सनातनी भजन गायकों का सम्मेलन और होली स्नेह मिलन समारोह आयोजित

नागौर में विश्व हिंदू परिषद के धर्म प्रसार आयाम की ओर से नागौर जिले के सनातनी भजन गायकों का एक भव्य होली स्नेह मिलन कार्यक्रम सैनिक क्षेत्रीय माली समाज भवन में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में जिलेभर के संत-महात्माओं और भजन गायकों ने शिरकत की और सनातन संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए गहन चिंतन-मंथन किया। ​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री परमेश्वर जोशी ने संबोधित करते हुए कहा कि संत महात्मा और भजन गायक अपनी कला और सत्संग के माध्यम से समाज में हिंदू संस्कृति का अलख जगा रहे हैं। यदि हम सभी एक बैनर के नीचे एकजुट होकर कार्य करेंगे, तो भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने में अधिक सहायक सिद्ध होंगे। इस अवसर पर बिलाड़ा के संत ओम गिरी महाराज, मेड़ता रोड़ रामद्वारा के संत गोवर्धन दास महाराज, श्री बालाजी के संत मुकेश जी महाराज और महंत लक्ष्मी नारायण दास सहित अनेक संतों ने मंच से आह्वान किया कि सनातनी कलाकारों को ही धार्मिक आयोजनों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ​सम्मेलन के दौरान अनिल सैन, मनीष कुचेरा, कैलाश डांगी और श्रवण दास सहित उपस्थित सभी भजन गायकों ने एक स्वर में अपनी बात रखते हुए कहा कि जागरण, सत्संग और अन्य धार्मिक अनुष्ठान सनातनी समाज के अभिन्न अंग हैं। अतः इन कार्यक्रमों में गायक, वादक से लेकर साउंड सिस्टम तक के सभी कलाकार सनातनी ही होने चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि कलाकारों की यह एकता सनातन धर्म को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी। ​कार्यक्रम में जिले भर से आए बड़ी संख्या में गायक, वादक, नृत्य कलाकार, सुंदरकांड मंडलियों के सदस्य और विहिप कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कोषाध्यक्ष गणेश त्रिवेदी ने किया, जबकि जिला मंत्री ने अतिथियों का परिचय करवाया। अंत में विहिप के प्रांत सह सत्संग प्रमुख पुखराज सांखला ने जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन करवाया और जिला अध्यक्ष रामेश्वर सारस्वत ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान राधेश्याम टोगसिया, देवेंद्र टाक, सतपाल सांधू और प्रीतम भट्ट सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी व गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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