पीड़ित जब मौका देखने गया तो प्लॉट पर चल रहा था काम भास्कर न्यूज | भरतपुर जिले में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने राजस्थान पुलिस के एक जवान के परिवार को ही अपना शिकार बना लिया। आगरा निवासी एक व्यक्ति से कृष्णा विहार स्कीम में प्लॉट दिलाने के नाम पर 15 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। आरोपियों ने कलेक्ट्रेट में कूटरचना (फोर्जरी) कर दूसरे के प्लॉट को अपना बताकर बेच दिया। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मथुरा गेट थाना पुलिस ने 9 भू-माफियाओं के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। फतेहपुर सीकरी निवासी अनेक सिंह ने बताया कि उनका पुत्र विजय सिंह करौली में राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। विजय भरतपुर में जमीन तलाश रहा था। इसी दौरान जुलाई 2024 में उनकी मुलाकात भीमसेन और कल्याण सिंह नाम के प्रॉपर्टी डीलरों से हुई। उन्होंने विजय को झांसा दिया कि कृष्णा विहार स्कीम में प्लॉट नंबर-3 बिकाऊ है, जिसका पावर ऑफ अटॉर्नी हितेन्द्र नाम के व्यक्ति के पास है। आरोपियों ने 29 अगस्त 2024 को प्लॉट नंबर-3 का रजिस्टर्ड बयनामा विजय के नाम करवा दिया और 15 लाख रुपये ले लिए। ड्यूटी के कारण विजय काफी समय तक प्लॉट पर नहीं जा सका। करीब दो महीने पहले जब पिता-पुत्र मौके पर पहुंचे, तो वहां किसी और को निर्माण करते देख उनके होश उड़ गए। निर्माण करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उसने यह प्लॉट वर्ष 2014 में ही खरीद लिया था। पीड़ित को जब इसकी जानकारी हुई तो इसकी शिकायत थाने में की है। पुराने बयनामे में काट- छांट कर प्लॉट नंबर बदल किया फर्जीवाड़ा पीड़ित ने जब दस्तावेजों की जांच की और रजिस्ट्रार कार्यालय से प्रमाणित प्रतियां निकलवाईं, तो बड़ी धोखाधड़ी सामने आई। आरोपियों ने 25 अक्टूबर 2023 के एक पुराने बयनामे में काट-छांट कर प्लॉट नंबर-1 को हटाकर वहां प्लॉट नंबर-3 लिख दिया था। असल नक्शे और बयनामे के विवरण में भारी भिन्नता पाई गई। जब पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने भीमसेन, कल्याण सिंह, वीरेन्द्र (प्रॉपर्टी डीलर), नरेन्द्र, यशपाल, ओमप्रकाश, जोगेन्द्र चाहर, बाबूसिंह और हितेन्द्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।


