भास्कर न्यूज |भरतपुर दैनिक भास्कर की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में कई कवियों ने काव्य पाठ किया। इसमें प्रो. अशोक गुप्ता, विकास बृजवासी, ख्यात सारस्वत आदि ने भी काव्य पाठ किया, जिनकी कविताएं निम्न हैं। 1. होरी आई रे कन्हाई होरी आई रे…. बाल सखा बोले कान्हा अब तो सुन ले भर पिचकारी रंग डार गोपिन पै नहीं तो धूर कुटेगी चहुंओर होरी आई रे, कन्हाई होरी आई रे… गोपिन झुंड बनाकर चाली आज पकड़ना है वनमाली मत भगे कान्हा नहीं तेरी खैर रे….होली आई रे कान्हो आगे गोपिन पीछे पकड़ लिया कान्हा तरु के नीचे मसर दिए कपोल रे…. होली आई रे या शर्तन पै कान्हा तोकू छोड़े थिरक थिरक के मटकी फोड़े नाच दिखा दे घनघोर रे… होली आई रे प्रो. अशोक गुप्ता
2. आज हम फिर से जिएंगे ग़म भुलाने के लिए लोट आओ तुम मगर यूं फिर से जाने के लिए जिस तरफ भी देखता हु एक आशिक जल रहा इक दफा तू देख ले अब भ्रम मिटाने के लिए लोग दिखते और है पर रंगते कुछ और है दोष हम पर मढ़ रहे है आजमाने के लिए दिल में मेरे इक चराग़ा कर रहा है रोशनी दे रहे हो क्यों हवा फिर तुम बुझाने के लिए दोष क्यूं देते हो तुम माचिश को भी आखिर सदा लोग ही काफी बहुत है दिल जलाने के लिए खुद को रखकर ताक पे फिर आज मैने भी खुदा लाखों मन्नत मांग ली है तुझको पाने के लिए – विकास बृजवासी
3. आया होली का त्योहार……. रंग लगाओ प्यार से यार गुब्बारा भर पानी वाला लेकर आया छोटा लाला भीग गया अपना प्रख्यात हैप्पी होली बोले ख्यात – ख्यात सारस्वत


