भखारा/कोर्रा| नगर पंचायत भखारा व ग्रामीण क्षेत्रों में होली पर्व को लेकर असमंजस की स्थिति है। चंद्र ग्रहण होने के कारण होलिका दहन 2 व 3 मार्च होगा। विप्र विद्वान परिषद योगेश्वर उपाध्याय गुजरा, जगदीश्वर प्रसाद शर्मा कोर्रा, ज्योतिषाचार्य सुनील तिवारी गुजरा, अंगेश्वर मिश्रा, रोशन मिश्रा, सिहाद, सोम प्रकाश दुबे रामपुर, पंकज शर्मा, हरीश चतुर्वेदी भखारा, यशवंत शुक्ला सेमरा, राजा पाठक भोथीपार ने बताया कि होली पर्व 8 दिन पहले होलाष्टक लगने से शुभ कार्य मांगलिक कार्य पर रोक लग गई है। होलिका उत्सव मनाने के बाद फिर से शुभ कार्य प्रारंभ होंगे। देव पंचांग अनुसार इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5.55 बजे से प्रारंभ हो रहा है। इस दिन पूर्णिमा के साथ-साथ भद्रा भी है। इस कारण से होलिका दहन करना उचित नहीं होगा। भद्रा का पूंछ समय रात 1.26 है। रात में 1.26 बजे के बाद होलिका दहन किया जा सकता है। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 1.26 से 2.38 बजे तक है। भद्रा तिथि में शुभ कार्य मांगलिक कार्य नहीं किया जाता। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण है, चंद्रग्रहण का समय दोपहर 3.20 से शाम 6.47 बजे तक है। चंद्र ग्रहण समाप्ति के बाद रात 8 बजे होलिका दहन किया जा सकता है। रंग पर्व होली का उत्सव 4 मार्च बुधवार को मनाया जाएगा। भखारा क्षेत्र के लोगों ने 3 मार्च को चंद्रग्रहण के बाद होलिका दहन करने व 4 मार्च को रंगोत्सव मनाने का निर्णय लिया है।


