स्थानीय रेल मंडल के बर्ट रोड पर स्थित एक कार्यालय में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब विभाग के कर्मचारियों ने सहायक डिवीजनल इंजीनियर राजेश कुमार के दफ्तर का घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारियों ने सरकारी क्वार्टरों के रख-रखाव पर खर्च की राशि का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की और मेंटेनेंस कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। जानकारी के अनुसार विभिन्न शाखाओं से जुड़े कर्मचारी राजेश कुमार से मीटिंग करने उनके कार्यालय पहुंचे थे। मीटिंग के दौरान कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकारी क्वार्टरों में मरम्मत और रख-रखाव के नाम पर भारी खर्च दिखाया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद मामला बढ़ गया और कर्मचारी दफ्तर के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे सभी कर्मचारी नार्दन रेलवे मजदूर यूनियन (एनआरएमयू) से जुड़े बताए जा रहे है। धरने में कामरेड जगजीत सिंह, प्रदीप कुमार, संपन्न कुमार, सचिन, सुभाष शर्मा, रमेश शर्मा और प्रकाश सहित कई सदस्य मौजूद रहे। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। बताया जाता है कि उस समय कार्यालय में कुछ ठेकेदार भी मौजूद थे, जिससे कर्मचारियों का आक्रोश और बढ़ गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि सरकारी क्वार्टरों में सभी विकास कार्यों की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और खर्च का विस्तृत लेखा-जोखा सार्वजनिक किया जाए। दूसरी ओर सहायक डिवीजनल इंजीनियर राजेश कुमार ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद बताया है। मामले ने रेल विभाग के भीतर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए है।


