रांची| राज्य के दो वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच मोबाइल पर हुई बात का ऑडियो रविवार को सोशल मीडिया में वायरल रहा। बातचीत के केंद्र में राज्य के अधिकारी, विधायक, ईडी के अफसर और पत्रकार हैं। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस ऑडियो पर प्रश्न उठाते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। कहा-दो शीर्ष नौकरशाहों के कथित फोन कॉल का ऑडियो मिला है। मैं इसकी सत्यता पर टिप्पणी नहीं कर रहा हूं। पर सवाल यह नहीं है कि किसने क्या बात की। बल्कि यह है कि यदि ‘सत्ता शीर्ष’ पर बैठे अधिकारियों के फोन सुरक्षित नहीं हैं, तो क्या मुख्यमंत्री, पक्ष-विपक्ष, मंत्री, विधायक और नौकरशाही और आम नागरिकों की प्राइवेसी सुरक्षित है? उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया- क्या राज्य इसी तरह जासूसी के दम पर चलाया जा रहा है? जब शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारी ही एक-दूसरे की जासूसी कर रहे हों या उनके फोन सुरक्षित न हों, तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे समझे? इसलिए एफआईआर दर्ज कर वायरल ऑडियो की जांच हो।


